मुजफ्फरपुर: 22 उम्मीदवारों ने खरीदे नामांकन फॉर्म.

Smart News Team, Last updated: 10/10/2020 12:38 AM IST
  • बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को पहले दिन मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट में सख्त सुरक्षा व्यवस्था में उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदा. सभी की नजरें इस पर टिकी थी कि पहले दिन कौन प्रत्याशी नामांकन पत्र खरीदता है और कौन दाखिल करता है. पहले दिन मुजफ्फरपुर के मीनापुर, काँटी, वरुराज व पारो के लिए 22 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदा, तो वहीं मीनापुर विधानसभा से एक उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल किया. ज्ञात हो की 16 अक्टूबर नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि है. वही 3 नवंबर को यहां चुनाव होंगे.
  •   एक तरफ चुनाव आयोग का गाइडलाइन है कि निष्पक्षता पूर्वक चुनाव संपन्न कराया जाए. वहीं दूसरी तरफ जिले में आचार संहिता लागू होने के बाद शराब माफियाओं का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. ये शराब माफिया हत्या करने से भी गुरेज नहीं आ रहे. गुरुवार को ही शराब माफियाओं ने एक चौकीदार की हत्या कर दी थी. जिस प्रकार इन शराब माफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा है, इससे इसकी संभावना जताई जा रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि यह निष्पक्ष चुनाव में बाधा डालने की साजिश हो.
  •  मुजफ्फरपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां मरीज की बिना इलाज किए ही उसे बिल थमा दिया गया. यह फर्जीवाड़ा आयुष्मान योजना को लेकर किया गया, जिसमें मां बेटे का ऑपरेशन किया ही नहीं गया और उनको बिल थमा दिया गया. यही नहीं मां का उसके बेड के साथ फोटो भी लगाया गया है. यह चौंकाने वाला खुलासा विभाग के ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर हुआ है. इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है. 
  •  मोतिहारी पकड़ीदयाल में एक फाइनेंस कर्मी से 1 लाख 40 हाजत रुपए लूट लिए गए. बताया जा रहा है कि फाइनेंस कर्मी कलेक्शन कर वापस आ रहा था कि उसके साथ इस लूट की घटना को अंजाम दिया गया. वहीं पकड़ीदयाल के डीएसपी के नेतृत्व में चल रहे इस जाँच में पुलिस ने बताया कि इस घटना में अपराधियों के सम्मिलित होने के बाद सामने आई है. जांच की जा रही है. 
  •  बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी देखने को मिल रही है. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में रहने वाले बिहारी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वह जाति-पाति से ऊपर उठकर ऐसे सरकार का चुनाव करें जो मजदूरों के साथ-साथ युवाओं के हित में हो. 
  •  इंस्पायर अवार्ड में मुजफ्फरपुर जिला एक महीने पहले तक सबसे निचले पायदान पर था. वहीं शिक्षकों व बच्चों के प्रयास से यह पहले पायदान पर पहुंच चुका है.

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