मुजफ्फरपुर: किशोरियों की मौत के बाद पुलिस छावनी में तब्दील मेडकिल कॉलेज

Smart News Team, Last updated: 03/10/2020 09:24 PM IST
  • शनिवार को जिले में लोगों का गम और गुस्सा दोनों ही देखने को मिला. गम इस बात का कि बच्चियों के साथ लगातार गलत घटनाएं हो रही है और गुस्सा इस बात का कि पुलिस इस मामले में कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है. आपको बता दें कि झपहाँ के दो किशोरियों का शव पानी में मिला था. शनिवार को इन किशोरियों का शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल लाया गया, जहां लोगों का गुस्सा भड़क उठा. जिसको देखते हुए झपहाँ से लेकर मेडिकल तक छावनी में तब्दील हो गई. पुलिस लगातार इसकी निगरानी करती रही. 5 डॉक्टरों की टीम इन किशोरियों के पोस्टमार्टम किए. इनके विसरा को वैज्ञानिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है. और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और वैज्ञानिक जांच होने के बाद ही मामले का पता चल पाएगा. इधर परिजनों का आरोप है कि बच्चों की हत्या कर उनके शव को पानी में फेंक दिया गया था. इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है और लोगों को लगातार समझाया जाता रहा कि वे आक्रोशित नहीं हों. मामले में कार्यवाही की जा रही है. किशोरियों का दाह संस्कार पोस्टमार्टम के बाद किया गया.
  •  कोरोना की वैक्सीन की जल्द ही आने की खबर है और इस वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए जिले में तैयारी भी तेज कर दी गई है. इसके लिए डीएम ने एक समीक्षा शनिवार को की. जिसमें देखा गया कि इलेक्ट्रिकल कोल्ड चैन कितने हैं और उनमें किस तरह इस वैक्सीन को सुरक्षित रखा जा सकता है. मुजफ्फरपुर में ढाई हजार से अधिक इलेक्ट्रिकल कोल्ड चैन हैं. मगर उनमें से कई चैन खराब हैं. जिसको लेकर यह निर्देश दिया गया कि इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किए जाए. ताकि कोरोना वैक्सीन आने के साथी इसे इसमें सुरक्षित रखा जा सके. इसकी तैयारी जिला स्तर पर काफी तेज कर दी गई है.
  •  दिवाली में इस बार घरों में दिए जगमग आएंगे मगर उन घरों में भी रोशनी होगी जिनका रोजगार कोरोना वायरस ने छीन लिया था. खादी ग्रामोद्योग ने इस बार कुम्हारों को इलेक्ट्रिकल चाक दिया है और इस इलेक्ट्रिकल चाक के जरिए कुम्हारों को एक नया रोजगार मिला है. रोजगार इसलिए भी क्योंकि दिवाली नजदीक है और इसके द्वारा बने दिए सभी के घरों को रोशन करेंगे. इसके साथ ही उन घरों में भी दिवाली की खुशियां मनाई जाएंगे जो अब तक रोजगार की तलाश में भटक रहे थे. खादी ग्राम उद्योग इन कुम्हारों को अपनी तरफ से ट्रेनिंग भी दे रहा है. 
  •  स्कूल खुल चुके हैं मगर बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते है. यह चिंताजनक बात मनोवैज्ञानिकों के शोध में सामने आए है. ज्ञात हो कि नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों के लिए स्कूल तो खुल गया है. मगर अब बच्चे ए वर्जन फ्रॉम स्टडीज नामक बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं. मानव संसाधन मंत्रालय की काउंसलिंग टीम ने इस पर रिसर्च की है और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है. इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि 6 महीने से लगातार ऑनलाइन क्लास कर रहे बच्चे किस तरीके से अभी स्कूल खोलने के बाद स्कूल नहीं जाना चाहते हैं. मुजफ्फरपुर, नालंदा, सीतामढ़ी व समस्तीपुर सहित कई जिलों से अभिभावक लगातार मनोदर्पण काउंसलिंग टीम को फोन कर रहे हैं. 
  • एक तरफ कोरोना वायरस के वैक्सीन के आने की उम्मीद है. वहीं दूसरी तरफ जिले में चिंताजनक बात यह है कि कोरोनावायरस से ग्रसित ऐसे गंभीर मरीजों के इलाज करवाने के बाद ठीक हो जा रहा है और दूसरी बार भी ये इसके चपेट में आ जा रहे हैं. यही नहीं इस वजह से कई बार मरीजों की मृत्यु भी हो जा रही है. डॉक्टर इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. मगर अब तक यह जान नहीं पाए कि ऐसा क्यों हो रहा है. ज्ञात हो कि अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है. 

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