मुज़फ़्फ़रपुर: - बाइक सवार दो बदमाशों ने दिनदहाड़े चौकीदार को गोली मारी.

Smart News Team, Last updated: 08/10/2020 09:22 PM IST
  • मुजफ्फरपुर के ठीक सटे मनियारी में चौकीदार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. चौकीदार सुबह 8 बजे अपने घर काशीपुर से मनियारी थाने से निकला था, तभी रास्ते में अपाचे बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे गोलियों से भून डाला. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चौकीदार जैद अहमद को मनियारी थाने से पहले अपाचे बाइक सवार दो व्यक्तियों ने उसे रोका और बातचीत करने लगे और कुछ देर बाद उसे गोली मार दी. घटना के बाद ग्रामीणों ने मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया. परिजनों का कहना है कि इनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है. उनका मानना है कि हो सकता हो स्थानीय लोग व थाने के बीच की किसी मामले को लेकर इस घटना को अंजाम दिया गया हो. वहीं पुलिस इस मामले के त्वरित कार्यवाही में जुट गई है.
  •  चर्चित नवरोना हत्याकांड में आज एक बार फिर परिजनों को तारीख ही मिली है आज सीबीआई ने कोर्ट में नई तारीख और लगभग 2 महीने का समय मांगा है. ज्ञात हो कि नवरोना की घर से निकाल कर हत्या कर दी गई थी, लेकिन अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है. हालांकि सीबीआई जांच कर रही है. इस केस के फाइल कई बार बंद हुए और खुले लेकिन अब तक निष्कर्ष नहीं निकला. नवरोना के पिता का कहना है कि एक बार फिर तारीख मिलने से न्याय मिलने की उम्मीद धूमिल होने लगी है. हालांकि कोर्ट के दखल देने के बाद न्याय मिलने का भरोसा है.
  •   विधानसभा के दूसरे चरण के चुनाव के लिए कल से नामांकन शुरू होगा. मुजफ्फरपुर में वैशाली लोकसभा के 5 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार नामांकन करेंगे. नामांकन के तैयारियों में आज प्रशासन दिनभर जुटा रहा. शहर के गलियों और चौराहों को छावनी में तब्दील कर दिया गया. जिला प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट और एसडीओ कार्यालय में बैरिकेडिंग लगा दिया गया है.
  •  चुनाव में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं ने अभियान शुरू कर दिया है. वैसे तो महिला वोटरों की तादात में काफी इजाफा हुआ है. इस बार के विधानसभा चुनाव में लगभग सभी विधानसभाओं में औसतन 30 से 50 हजार तक महिला वोटरों की संख्या बढ़ी है. लेकिन जब टिकट देने की बारी आई तो किसी भी पार्टी ने 30 फ़ीसदी भी महिलाओं को टिकट नहीं दिया है. इसको लेकर महिलाओं ने घोषणा मंच बनाया है, जहां से महिलाओं को सूचित किया जा रहा है, यदि किसी पार्टी के घोषणापत्र में महिलाओं के हित की बात नहीं की गई होगी तो उन्हें वोट नहीं किया जाएगा. वहीं लगभग 50 फ़ीसदी महिलाओं को टिकट देने की मांग भी की गई है.
  •  बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में इस बार लगभग 30 हजार छात्र इतिहास की पढ़ाई नहीं कर पाएंगे. सीटों की संख्या बढ़ाए जाने के बावजूद इस बार लगभग 30 हजार ऐसे छात्र हैं, जिनको नामांकन नहीं मिल पाएगा. जिसके बाद छात्रों में रोष देखने को मिल सकता है. वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि सीटों की संख्या बढ़ाए जाने की कवायद चल रही है इस संबंध में राजभवन से संपर्क साधा जा रहा है.

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