पटना: डॉक्टरों की हड़ताल मरीजों पर पड़ी भारी, एक की मौत

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 7:12 AM IST
  • राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल दूसरी दिन भी जारी रही. गौरतलब है कि स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर पीएमसीएच समेत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर और इंटर्न बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं.
पटना राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल दूसरी दिन भी जारी रही

पटना. राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल दूसरी दिन भी जारी रही. गौरतलब है कि स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर पीएमसीएच समेत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर और इंटर्न बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं. कोरोना की ड्यूटी में लगे जूनियर डॉक्टरों को छोड़कर सभी विभागों में जूनियरों ने काम ठप कर दिया. इस हड़ताल के कारण पटना शहर में रहने वाली एक मरीज मीना देवी की मौत हो गई.

 मीना देवी की मृत्यु के बाद परिवार में काफी शौक है. मीना के बेटे उदय ने रोते हुए डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर कहा कि देर सबेर डॉक्टरों का तो पैसा बढ़ जाएगा पर मेरी मां तो अब नहीं लौटेगी. इधर, डॉक्टरों को काम पर वापसी के लिए बुधवार की सुबह प्राचार्य व अधीक्षक के साथ पहली दौर की वार्ता हुई पर कोई नतीजा नहीं निकला. गुरुवार को फिर वार्ता होगी. जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, वे हड़ताल पर डटे रहेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य सचिव से मिलने की कोशिश की गई थी पर वे नहीं मिले.

बता दें, 2017 में सरकार की तरफ से यह आदेश जारी हुआ था कि हर तीन साल पर जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न के स्टाइपेंड में इंक्रीमेंट किया जाएगा, लेकिन जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड में वृद्धि नहीं की गई. इस मामले में जेडीए का कहना है कि जबतक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे और काम पर नहीं लौटेंगे. हालांकि, कोरोना मरीजों के इलाज में जिनकी ड्यूटी लगी है वे जूनियर काम कर रहे हैं.

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