पटना में एक ऐसा स्टडी रूम जहां पढ़ने के लिए कोई किताब नहीं

Smart News Team, Last updated: Mon, 1st Feb 2021, 1:57 PM IST
  • बिहार म्यूज़ियम में खुले एक स्टडी रूप में अब तक एक भी किताब नहीं आ सकी है. इस बारे में संग्रहालय अध्यक्ष का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण इसमें देर हुई.
बिहार म्यूज़ियम

पटना: पिछले साल जनवरी में शुरू हुए हाईप्रोफाइल अध्ययन केंद्र में अबतक एक भी किताब नहीं आ सकी है. बिहार म्यूज़ियम में आम लोगों के लिए लाइब्रेरी की तर्ज पर इस स्टडी रूम की शुरुआत हुई थी. स्टडी रूम में एक समय में 60 से 70 लोगों के बैठने की सुविधा सुलभ होने वाली थी, लेकिन यह सब सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई.

वहीं इस बारे में संग्रहालय अध्यक्ष का कहना है कि लाइब्रेरी के लिए किताबें मंगवानी थी, लेकिन कोविड-19 संक्रमण के कारण देर हो गई. अब जल्द ही किताबों की पूरी रेंज स्टडी रूम में लोगों के लिए आ जाएगी. जल्द ही म्यूजियम में आने वाले लोगों को बहुत कुछ नया देखने को मिलेगा.

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म्यूज़ियम में खुले स्टडी रूम में बिहार की संस्कृति, कला, सभ्यता के बारे में अध्ययन करने के लिए करीब दो हजार किताबों का संग्रह किया जाना था. इसके साथ ही स्टडी रूम में एक समय में 60 से 70 लोगों के बैठने की सुविधा भी मिलती लेकिन आज तक यहां पढ़ने के लिए एक किताब भी नहीं है.

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स्टडी रूम में बिहार की कला जैसे मंजूषा और समकालीन कला, राजा सलहेस, गुरु गोविंद सिंह और सिख टूरिज्म इन बिहार, पटना कलम, रामचरित्र मानस जैसी किताबों का संग्रह किया जाना है। इस स्टडी रूम की खास बात ये भी है कि यहां शोध कार्य कर रहे लोगों के लिए अलग से व्यवस्था होगी. इसके लिए टिकट की जगह पास दिया जाएगा.

 

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