कहीं राम-कृष्ण तो कहीं चवन्नी-अठन्नी, इन कोडवर्ड के साथ बिहार में मिल रही शराब

Atul Gupta, Last updated: Fri, 12th Nov 2021, 9:50 PM IST
  • बिहार में पुलिस और शराब तस्करों के बीच तू डाल डाल, मैं पात पात वाला खेल चल रहा है. तस्करों ने शराब बेचने के लिए कोडवर्ड निकाल लिए हैं जिसमें राम कृष्ण से लेकर छोटा भीम, छोटा डॉन, चवन्नी-अठन्नी जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल हो रहा है.
शराब तस्कर कर रहे हैं कोडवर्ड का इस्तेमाल (फोटो- सोशल मीडिया)

पटना: एक तरफ जहां बिहार पुलिस शराब तस्करों के खिलाफ सख्ती से अभियान चला रही है वहीं दूसरी तरफ तस्कर भी सचेत हो गए हैं और पुलिस से बचने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं. हर जिले के शराब तस्कर अलग कोड वर्ड इस्तेमाल करते हैं जैसे मुजफ्फरपुर में भगवान राम और कृष्ण के नाम पर शराब मिलती है. राम का मतलब है रम और कृष्ण का मतलब है व्हिसकी. इसके अलावा छोटा डॉन बोलने पर हॉफ और बड़ा डॉन बोलने पर फुल बॉटल मिलती है.

गोपालगंज में शराब तस्करों ने अलग कोड लगाया है. यहां शराब चवन्नी और अठन्नी के कोड वर्ड से मिलती है. चवन्नी का मतलब होता है 100 एमएल का देसी पाउच और अठन्नी का मतलब है 150 रुपये वाला बंटी बबली है. शराब तस्कर इतने शातिर हैं कि उन्होंने लोगों को अलर्ट करने और खतरे के लिए भी कोड वर्ड निकाला है. कहीं कोई आधा किलो दूध जोर से बोल दे तो समझ लीजिए पुलिस है या कोई खतरा है. आधा किलो दूध खतरे के इशारे के तौर पर इस्तेमाल होता है. बताया जाता है कि गोपालगंज में ज्यादातर यूपी से शराब आती है. शराब को बिहार लाने के लिए दियरा और बलुआ का रास्ता लिया जाता है ताकि आसानी से बिहार में घुसा जा सके.

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जानकारी के मुताबिक बिहार में शराब तस्कर हर 15 दिन में कोड बदल देते हैं और नए कोड वाले व्यक्ति को ही शराब देते हैं. या फिर अगर आप किसी शराबी के रेफरेंस के शराब मांगेंगे या फिर शराबी आपको तस्कर से मिलवा देगा तो फिर आपको तस्कर अगली बार शराब देगा. शराब तस्कर लगातार शराब बेचने के लिए कोडवर्ड बदलते हैं जिससे पुलिस के हत्थे ना चढ़ सकें. इसके अलावा फोन पर भी कोडवर्ड में ही बात की जाती है ताकि कोई पहचान ना सके कि क्या बात की जा रही है.

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