अमित शाह ने खोला राज, बिहार में NDA से क्यों अलग हुई LJP?

Smart News Team, Last updated: 18/10/2020 01:14 PM IST
  • अमित शाह ने एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि NDA में LJP को बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सीट ऑफर की गई थी. चिराग पासवान से कई बार बात हुई पर वे माने नहीं और लोजपा, NDA गठबंधन से अलग हो गई.
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि लोजपा को गठबंधन में शामिल किया जाएगा या नहीं यह चुनाव के बाद देखा जाएगा.

पटना: गृह मंत्री अमित शाह ने लोजपा के बिहार चुनाव में एनडीए से अलग होने के कारणों का खुलासा किया है. अमित शाह ने कहा कि NDA में LJP को बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सीट ऑफर की गई थी. चिराग पासवान से कई बार बात हुई पर वे माने नहीं और लोजपा NDA गठबंधन से अलग हो गई. यह एक समझौता था जो नहीं हो सका. लेकिन अब एनडीए में जदयू, हम, वीआईपी और भाजपा का मजबूत गठबंधन है. उन्होंने कहा, मजबूत सामाजिक समीकरण के साथ हम चुनावी मैदान में हैं और दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे.

एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि लोजपा को गठबंधन में शामिल किया जाएगा या नहीं यह चुनाव के बाद देखा जाएगा. फिलहाल वे हमारे खिलाफ चुनाव मैदान में हैं. भाजपा के कार्यकर्ता NDA को जिताने का काम करेंगे. दमखम के साथ चुनावी मैदान में हम डटे हैं. वहीं, भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार हमारे पुराने साथी हैं. गठबंधन का एक धर्म होता है जिसे हम निभा रहे हैं. केवल विस्तार के लिए अकेले चुनाव लड़ना ठीक नहीं. ऊपर मोदीजी और नीचे नीतीश जी, डबल इंजन वाली सरकार बिहार को विकसित प्रदेश बनाएगी.

महागठबंधन से CM पद के उम्मीदवार तेजस्वी आज 7 चुनावी सभाओं को करेंगे संबोधित

गृह मंत्री ने कहा कि लालू-राबड़ी राज में बिहार का विकास ही ठप नहीं था, बल्कि फिरौती ने उद्योग का रूप ले लिया था. करेप्शन अपनी चरम सीमा पर था. लॉ एंड एंड ऑर्डर सब खराब थे. लेकिन बिहार आज आगे बढ़कर देख रहा है. कई मानकों में बिहार के नीचे रहने के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि तुलनात्मक अध्ययन करना है तो यह देखना पड़ेगा कि एनडीए को कैसा बिहार मिला था. हम राज्य के हर व्यक्ति को सशक्त बना रहे हैं. हमने हर गांव को सड़क, बिजली और पानी से जोड़ा है.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के हेलीकॉप्टर के साथ पटना एयरपोर्ट पर हादसा

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें