पटना

कोरोना के संकट काल में राहत: पटना में 8 हजार से अधिक मजदूरों को मिला काम

Smart News Team, Last updated: 12/06/2020 05:34 PM IST
  • कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के सामने सबसे बड़ी समस्या रोजी-रोटी की है। कोरोना संकट के बीच पटना जिले में 8 हजार से अधिक मजदूरों को रोजगार दिया गया है।
प्रवासियों की प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के सामने सबसे बड़ी समस्या रोजी-रोटी की है। कोरोना संकट के बीच पटना जिले में 8 हजार से अधिक मजदूरों को रोजगार दिया गया है। इनमें करीब 3 हजार प्रवासी मजदूर हैं, जिन्हें रोजगार मिला है। यह जानकारी जिला अधिकारी ने दी है।

जिलाधिकारी कुमार रवि के निर्देश पर मनरेगा सहित कई अन्य विभागों के कार्य में तेजी लाकर प्रवासी मजदूरों को कार्य देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में 89 कार्यस्थल पर कुल 8756 मजदूरों को प्लेसमेंट के लिए भेजा गया। मनरेगा में कुल 2986 प्रवासी मजदूर कार्यरत हुए। इसके अतिरिक्त प्रखंडों के कई पंचायतों के कार्यों में प्रवासी मजदूर को काम दिया गया है।

नया जॉब कार्ड 32644 वितरित हुए, जिसमें प्रवासी मजदूरों को 3500 जॉब कार्ड दिए गए हैं। 23 प्रखंडों में 2019-20 के तहत 6 लाख 14 हजार 146 जॉब कार्ड निर्गत किए गए जबकि 2020- 21 में कुल 6 लाख 46 हजार 790 जॉब कार्ड निर्गत किए गए। इस प्रकार विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 32 हजार 644 जॉब कार्ड अधिक वितरित किये गए हैं।

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