बैंकिंग सिस्टम में बदलाव से खाताधारक का एक हजार करोड़ बैंकों में फंसा, कही आपके भी तो नहीं फंसे पैसे

Smart News Team, Last updated: Wed, 25th Aug 2021, 8:15 AM IST
  • रिजर्व बैंक के सप्ताह में सातों दिन एनएसीएच सिस्टम लागू करने के कारण एक अगस्त से लेकर अबतक एक हजार करोड़ का चेक भुगतान बैंको में फंस चुका है. जिसमें पटना का लगभग 300 करोड़ रुपये के आसपास की रकम है और मुजफ्फरपुर और भागलपुर का लगभग दो सौ करोड़ रुपये का भुगतान फंस गया है.
बैंकिग एनएसीएच सिस्टम लागू होने के बाद बैंकों में फंस रहा चेक से भुगतान.( सांकेतिक फोटो)

रोहित, पटना

बैंकिंग धोखाधड़ी को रोकने के लिए कुछ समय पहले रिजर्व बैंक ऑफ इडिया(RBI) ने बैंको में लेन-देन की शर्तों में बदलाव किया था. एक अगस्त से आरबीआई का नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस सिस्टम(NACH System) से सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे काम करने लगा है. बैंकों में लेन-देन की शर्तो में बदलाव होने के कारण बीते एक महीने में एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के चेक भुगतान के लिए फंस गए है. भुगतान फंसने के कारण ग्राहको को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

एनएसीएच सिस्टम लागू होने के बाद बैंकों में चेकों के बाउंस होने की सख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. अब 50 हजार रुपये से ज्यादा का चेक को जारी करने से पहले बैंक को सूचित करना होगा. कई बैक भुगतान से पहले ग्राहको से पूछताछ भी करती है. कस्टमर से संपर्क न होने की स्थिति में चेक को वापस कर दिया जाता है.

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कयो फंस रहे है चेक

सप्ताह के सातों के एनएसीएस सिस्टम लागू होने से बैंकों में भुगतान की प्रकिया में बदलाव किया गया है. अब बैंक की छुट्टी वाले दिन भी लोगों के चेक क्लियर हो रहे है, लेकिन कुछ खातों में बैलेस मेंटेन न होने के कारण भी चेक बाउंस हो रहे है. ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा कि राज्य में बीते एक अगस्त से लगभग एक हजार करोड़ का चेक भुगतान फंस चुका है. जिसमें से पटना में 300 करोड़, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के आसपास के इलाकों में लगभग दो सौ करोड़ रुपये का भुगतान फंस गया है.

बैंको का विल्य भी एक कारण

बैंकों के विल्य के बाद हो रही तकनीकी परेशानी के भी भुगतान फंसने के मामले सामने आ रहे है. इलाहाबाद बैंक कर्मचारी एसोसिएशन के महासचिव उत्पल कांत कहते हैं कि विलय के बाद कई बार तकनीकी कारणों से चेक क्लियर नहीं हो पा रहे है. उन्होने कहा कि ऐसे मामलों में पहले से 20 से 25 फीसदी का इजाफा हुआ है.

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