छठ पर्व को लेकर प्रशासन की बढ़ी चुनौती, पटना के 92 घाट बस 30 पर हुआ काम

Swati Gautam, Last updated: Mon, 1st Nov 2021, 2:37 PM IST
  • 8 नवंबर को नहाय खाय के साथ छठ महापर्व शुरू होने का रहा है लेकिन अब तक पटना में 92 घाट में से महज 30 घाटों पर ही काम शुरू हो पाया है. प्रशासन का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण काम में रुकावट आई है. गंगा का जलस्तर कम होने का इंतजार किया जा रहा है जिसके बा घाटों से पानी हटने के बाद तेजी से काम शुरू किया जाएगा.
छठ पर्व को लेकर प्रशासन की बढ़ी चुनौती, पटना के 92 घाट बस 30 पर हुआ काम. file photo

पटना. 8 नवंबर को नहाय खाय के साथ छठ महापर्व का शुभारंभ हो रहा है. छठ को शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है फिर भी अब तक घाटों पर काम नहीं हो पाया है. मालूम हो कि पटना में 92 घाट हैं, लेकिन अब तक महज 30 घाटों पर ही काम शुरू हो पाया है. प्रशासन का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है जिसके कारण कार्य को गति नहीं मिल पाई. प्रशासन के सामने छठ को लेकर इस बात कई मुश्किलें आ रही हैं जिनमें गंगा का जलस्तर बढ़ना, खतरनाक घाट का चिह्नित न हो पाना और दल दल की समस्या पैदा होने जैसी कई समस्याएं हैं. फिलहाल प्रशासन गंगा का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहा है. घाटों से पानी हटने के बाद तेजी से काम शुरू किया जाएगा.

घाटों के लिए जो 5 सबसे बड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं उनमें घाटों पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण दल-दल से होगी समस्या है दूसरा जलस्तर लंबे समय तक बढ़े रहने से घाटों तक जाने के रास्तों पर चलना मुश्किल होगा और गंगा में बैरिकेडिंग करने को लेकर भी बड़ी समस्या समस्या सामने आ रही है. ऐसे ही स्थाई घाटों डायवर्ट कर नदी घाटों पर लोगों को जाने से रोकना भी एक बड़ी चुनौती है. वही प्रशासन को और से अब तक खतरनाक घाटों का चयन नहीं हो पाया है इससे लोगों में सुरक्षा को लेकर असमंजस बना रहेगा क्योंकि खतरनाक घाटों में किसी भी समय कोई हादसा हो सकता है.

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घाटों को लेकर प्रशासन की युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है. प्रशासन का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण अभी तक सिर्फ 30 घाटों पर काम हो पाया है. जिन घाटों पर गंगा का स्तर कम हुआ है वहां तेजी से काम चल रहा है. बताया जा रहा है कि कुछ पक्के घाटों की साफ-सफाई पूरी हो गई है. इसके अलावा कलेक्ट्रेट घाट और महेंद्रु घाट से पीपा पुल बनाने की भी तैयारी चल रही है. रास्तों की साफ-सफाई करने, मोटरेबल बनाने, चेंजिंग रूम, पेयजल, शौचालय, लाइट सहित अन्य आवश्यक सुविधा को लेकर भी प्रशासन की तैयारी हो रही है.

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