दीघा विधानसभा सीट: बीजेपी और भाकपा के बीच दिख रहा बराबर का मुकाबला

Smart News Team, Last updated: 02/11/2020 11:30 AM IST
  • पटना की दीघा विधानसभा सीट के 2008 में अस्तित्व में आने के बाद से अब तक दो बार चुनाव हो चुके हैं जिसमें से एक बार बीजेपी और दूसरी बार जदयू के प्रत्याशी विधायक रह चुके हैं. इस सीट पर 3 नवंबर को वोटिंग होगी.
दीघा विधानसभा सीट: जदयू और बीजेपी के बीच दिख रहा बराबर का मुकाबला

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के  पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को पूरा हो चुका है. इसके साथ ही अब दूसरे चरण के मतदान की तैयारी तेजी पकड़ रही है. बता दें कि दीघा विधानसभा सीट पर भी 3 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होना है. अगर विधानसभा सीट की बात करें तो यहां पर चुनावी जानकारो के मुताबिक मुख्य लड़ाई भाकपा (माले) के शशि यादव और भाजपा के संजीव चौरसिया के बीच दिखाई दे रही है. इसके अलावा रालोसपा के संजय कुमार सिन्हा (मुन्ना) भी इस सीट पर चुनावी रण में हैं. फिलहाल वर्तमान में इस सीट से भाजपा के संजय चौरसिया विधायक  हैं.

इस सीट के इतिहास पर गौर करें तो यहां से 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के संजीव चौरसिया ने जदयू के राजीव रंजन प्रसाद पर 24,779 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी. बता दें कि 2008 में परिसमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई थी. वहीं इस सीट पर पहली बार चुनाव 2010 में चुनाव हुआ था. दीघा विधानसभा सीट बिहार की राजधानी पटना का हिस्सा है. अब तक के इतिहास में यहां केवल दो बार विधानसभा चुनाव हुआ है, जिसमें से एक बार जदयू और एक बार भाजपा के प्रत्याशी विधायक रह चुके हैं.

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अगर इस सीट के चुनावी समीकरण पर नजर डाले तो यहां कुल 4.50 लाख वोटर हैं. जिसमें 2.35 लाख यानि 52.35 प्रतिशत पुरुष और 2.14 लाख यानि 47.48 प्रतिशत महिला वोटर हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 42.1 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. इस सीट के जातीय समीकरण की बात करें तो यादव, राजपूत, भूमिहार, कोइरी और ब्राह्मण अहम भूमिका में दिखाई दे रहे हैं.

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