बिहार में ईवीएम जांच का पहला चरण पूरा, होगा मॉडल-3 ईवीएम का प्रयोग

Smart News Team, Last updated: 24/08/2020 03:14 PM IST
  • कोरोना माहमारी के बीच बिहार का विधानसभा चुनाव लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. अब प्रशासन ने भी होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए ईवीएम की जांच का पहला चरण पूरा कर लिया है. इस बार चुनावों में मॉडल-3 ईवीएम का प्रयोग किया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार इस ईवीएम से गड़बड़ी की बहुत कम आशंका है.
बिहार विधानसभा चुनावों में इस बार मॉडल 3 ईवीएम का प्रयोग किया जा रहा है.

पटना.  बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर प्रथम चरण की ईवीएम जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. चुनाव आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी 243 विधानसभाओं के लिए ईवीएम और वीवीपैट मशीन सभी जिलों में जून के अंतिम सप्ताह तक मंगा ली थी.

आयोग के निर्देशानुसार राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एचआर श्रीनिवास ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी )को शुरू करने के निर्देश दिए. लगभग डेढ़ महीने में इस प्रक्रिया में सभी ईवीएम और बीपी पैट मशीन की जांच की गई.

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निर्वाचन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब सभी जिलों में एफएलसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इसके अलावा जिन ईवीएम में थोड़ी-बहुत तकनीकी खामियां दिखाई दी, उसे अलग करके ईवीएम वाली बनाने वाली कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों से ठीक करवा दिया गया है.

ईवीएम की जांच के दौरान सभी जिलों में मान्यता प्राप्त प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी को भी सुनिश्चित किया गया ताकि किसी भी दल को ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत ना हो. जांच के दौरान सभी जिलों में कोरोना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के जारी दिशा निर्देशों का भी पालन किया गया.

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इस बार के बिहार चुनावों में ख़ास बात यह है कि इस बार विधानसभा चुनावों में पहली बार मॉडल-3 ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहले की ईवीएम की तुलना में इस ईवीएम का मॉडल काफी एडवांस है.

विशेषज्ञों के अनुसार इस ईवीएम में कोई बाहरी हस्तक्षेप संभव नहीं किया जा सकता है. ईवीएम की कंट्रोल यूनिट और बैलेंस यूनिट आपस में संवाद करने में सक्षम है. यदि कोई कंट्रोल यूनिट या बैलेट यूनिट में गड़बड़ी का प्रयास करता है तो उसके डिजिटल सिग्नेचर भी मैच नहीं होंगे. साथ ही ऐसा करने पर सिस्टम भी काम करना बंद कर देगा. मॉडल-3 ईवीएम में 24 बैलट यूनिट्स एक साथ जोड़ी जा सकती हैं. एक बैलेट यूनिट में 16 उम्मीदवार होते हैं. इससे पहले मॉडल-2 ईवीएम में सिर्फ 64 उम्मीदवारों को ही जोड़ा जा सकता था.

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भारतीय निर्वाचन आयोग कोरोना महामारी के बीच बिहार में चुनाव प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश पहले ही जारी कर चुका है. अब वह बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक करेगा. यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी और इसकी अध्यक्षता बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एचआर श्रीनिवास करेंगे.

इस बैठक में विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी. बैठक में ईवीएम की जांच, ईवीएम की सुरक्षा, सभी बूथों को चिन्हित करने के बाद वहां की सभी सुविधाओं का आकलन, मतदान सूची में नाम किए नाम अंकित किए जाने, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, चुनावी सभाओं को लेकर चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार तैयारी सहित अन्य सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी. साथ चुनाव आयोग अब तक कि कार्य प्रगति की समीक्षा भी करेगा. बैठक में निर्वाचन अधिकारियों के साथ सभी उप निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे.

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बिहार में इस समय कुल 1लाख 6 हज़ार मतदान केंद्र हैं.इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारियों के देख-रेख में 1 लाख 85 हज़ार बैलेट यूनिट,1 लाख 80 हज़ार कंट्रोल यूनिट और 1 लाख 49 हज़ार वीवीपैट मशीन की जांच हुईं हैं.

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