गायघाट विधानसभा सीट: आखिरी चरण में RJD और JDU के बीच कड़ी टक्कर

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Nov 2020, 9:04 PM IST
  • गायघाट सीट को राजद और जदयू का गढ़ माना जाता है. 2015 में राजद के टिकट पर चुनाव जीतने वाले माहेश्वर प्रसाद इस चुनाव में जदयू से चुनाव लड़ रहे हैं. निरंजन राय राजद के उम्मीदवार हैं और लोजपा से कोमल सिंह चुनावी मैदान में हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग 7 नवंबर को होनी है.

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तीसरे चरण का मतदान शनिवार को होना है. मुजफ्फरपुर जिले की गायघाट विधानसभा सीट पर भी तीसरे चरण में वोटिंग होनी है. इस सीट को राजद और जदयू को गढ़ माना जाता है. गायघाट से जदयू के उम्मीदवार हैं माहेश्वर प्रसाद, राजद की ओर से चुनावी मैदान में हैं निरंजन राय और लोजपा से कोमल सिंह उम्मीदवार हैं.

इस सीट से 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार माहेश्वर प्रसाद जीते थे. जिन्होंने इस बार राजद का हाथ छोड़कर जदयू में शामिल हो गए हैं. अभी तक हुए 14 चुनावों में सबसे ज्यादा बार कांग्रेस जीती है. 1990 में गायघाट विधानसभा सीट से माहेश्वर यादव बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे. 1995 में माहेश्वर जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते भी.

औराई विधानसभा सीट: भाकपा माले और बीजेपी में कड़ी टक्कर, जानें चुनावी समीकरण

इस सीट पर 2000 के विधानसभा चुनाव में जदयू वीरेन्द्र सिंह जीते. इस सीट अब तक जदयू सिर्फ एक बार ही जीती है. 2005 में माहेश्वर प्रसाद राजद के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते भी. 2010 में वीणा देवी इस सीट से जीतने भी कामयाब हुईं थी. 2015 में फिर से माहेश्वर प्रसाद राजद के टिकट पर जीते. वाणी देवी की बेटी कोमल सिंह लोजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं.

बिहार चुनाव तक जेल में ही रहेंगे लालू यादव, जमानत पर सुनवाई टली

गायघाट विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 3 हजार वोटर्स हैं. जिसमें से 1 लाख 60 हजार पुरुष मतदाता हैं और 1 लाख 42 हजार महिला मतदाता हैं. इस सीट पर पिछल बार 64 फीसदी वोटिंग हुई थी. आपको बता दें कि 3 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग हुई थी और 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान हुआ था. 7 नवंबर को तीसरे चरण की वोटिंग होनी है और वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें