बिहार चुनाव: महागठबंधन ने खोला पिटारा, घोषणा पत्र में विशेष दर्जे दिलाने का वादा

Smart News Team, Last updated: 17/10/2020 01:18 PM IST
  • बिहार में महागठबंधन ने अपना घोषणा-पत्र जारी कर दिया है। आरजेडी-कांग्रेस-वाम दलों के गठबंधन ने खास तौर पर राज्य के विशेष दर्जे की बात की है। यह भी वादा है कि सरकार बनने पर नये कृषि कानून पर रोक होगी।
महागठबंधन ने तेजस्वी को बनाया चेहरा

पटना: बिहार के चुनावी समर में महागठबंधन ने अपने वादों का पिटारा खोल दिया है। आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के महागठबंधन ने अपने घोषणा पत्र को 'प्रण हमारा, संकल्प बदलाव का' नाम दिया है। पटना में आयोजित प्रेस कॉ़न्फ्रेंस में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, शक्ति सिंह गोहिल समेत महागठंबधन के दूसरे नेता मौजूद थे। इस मौके पर तेजस्वी यादव ने प्रदेश की नीतीश सरकार को भी निशाने पर लिया।

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तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार पिछले 15 सालों से राज्य के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन आज तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिला पाए। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि, 'हम वादा करते हैं कि कैबिनेट के पहले फैसले में ही बिहार में युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी दी जाएंगी। इसके अलावा बिहार में हमारी सरकार बनने के बाद हम प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाएंगे।'

एनडीए ने जारी किया घोषणापत्र

दूसरी तरफ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना था, 'अगर हम तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार में सरकार बनाते हैं, तो सबसे पहले हम विधानसभा का सत्र बुलाकर केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों को खत्म करने के लिए विधेयक पारित करेंगे।'

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आपको फिर से बता दें कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है। चुनाव आयोग ने तीन चरणों में मतदान कराने का ऐलान किया है। 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को बिहार में वोट पड़ेंगे। 10 नवंबर को सूबे के भाग्य का फैसला हो जायेगा।

 

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