पटना: LJP अध्यक्ष चिराग पासवान को हम प्रवक्ता दानिश रिजवान का पत्र, पूछे कई सवाल

Smart News Team, Last updated: 08/09/2020 07:13 AM IST
  •  बिहार विधानसभा चुनाव नजदीका आता जा रहा है. ऐसे में सियासी उठापटक के बीच LJP प्रमुख चिराग पासवान को हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने लिखकर कई सवाल पूछे हैं. 
फाइल फोटो

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव की बड़ी सरगर्मियों के बीच LJP अध्यक्ष चिराग पासवान को हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने पत्र लिखकर उनसे कई सवाल पूछे हैं. पत्र में उन्होंने कहा है कि मीडिया के हवाले से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आपका भेजा हुआ पत्र देखा. उसे पढ़कर इस बात की खुशी हुई कि कम से कम बिहार सरकार के फैसले पर ही सही आपको दलित-आदिवासी परिवारों की याद तो आती है. उन्होंने पत्र में पूछा आप अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट के समय हो रहे प्रदर्शन के समय कहां सो गए थे, इसकी जानकारी किसी को नहीं है. मैं तो उस प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बैठ डाक बंगला चौराहे पर आपका इंतज़ार ही करता रह गया था.

हम प्रवक्ता ने आगे निशाना साधते हुए कहा आप खुद सांसद हैं आपके पिता केन्द्र सरकार में मंत्री हैं इसके बावजूद एससी एसटी एक्ट को संविधान के 9वीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया. अगर आप दलित/आदिवासी समाज के हितैषी हैं तो एससी एसटी को संविधान की 9वी अनुसूची में शामिल करवा दिजिए. 

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हम प्रवक्ता आगे लिखते हैं कि चिराग पासवान जी आपने अपने पत्र में माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के पन्द्रह साल के शासन काल में हुए दलित अत्याचार पर तो सवाल पूछा है पर लालू-राबडी जी के पन्द्रह साल में दलितों की क्या स्थिति थी इसका भी तो आकलन करा लिजिए. किस तरह दलित परिवारों का नरसंहार होता था. दलित माताओं बहनों के बेटियों के साथ बलात्कार की घटना घटती थी. वैसे महोदय आप कोई भी पत्र माननीय मुख्यमंत्री को लिखते हैं तो उसकी कॉपी मिडिया हाउस को भी भेजतें हैं या उन पत्रों को सिर्फ़ मिडिया हाउस में ही भेजा जाता है. ख़ैर यह आपका विशेषाधिकार है कि आप पत्र किन्हे लिखे और किस पते पर भेजें.

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बता दें कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी महागठबंधन छोड़कर जेडीयू से जा मिले हैं. ऐसे में चिराग के लिखे पत्र का जवाब अब हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने दिया है.

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