फुलवारीशरीफ विधानसभा सीट: कौन बनेगा विधायक, क्या कहता है चुनावी गणित?

Smart News Team, Last updated: 02/11/2020 07:22 PM IST
  • बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में दूसरे फेज की वोटिंग 3 नवंबर को होगी. फुलवारीशरीफ सीट पर भाकपा माले के गोपाल रविदास और जेडीयू के अरुण मांझी में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है.
बिहार चुनाव 2020 के दूसरे चरण में फुलवारीशरीफ विधानसभा सीट पर 3 नवंबर को मतदान होगा.

बिहार में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को समाप्त हो चुका है। अब दूसरे चरण के मतदान की तैयारी जोरों पर है। इस बीच फुलवारीशरीफ विधानसभा सीट पर भी 3 नवंबर को ही मतदान होना है. इस विधानसभा सीट पर मुख्य टक्कर भाकपा माले के गोपाल रविदास और जदयू के अरुण मांझी के बीच बताई जा रही है. इसके अलावा लोजपा के सुरेश पासवान भी इस सीट से चुनावी मैदान में हैं. इस सीट के मौजूदा विधायक जेडीयू के श्याम रजक हैं. यह सीट एससी प्रत्याशियों के लिए सुरक्षित है.

क्या है वोटिंग समीकरण?

फुलवारीशरीफ विधानसभा में कुल 3.51 लाख वोटर हैं। जिसमें 1.86 लाख यानि 53.12 प्रतिशत पुरुष और 1.64 लाख यानि 46.72 प्रतिशत महिला वोटर हैं। इस सीट पर पिछले विधानसभा में 58.15 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. 

इस सीट के जातीय समीकरण की बात करें तो यादव, पासवान, मुस्लिम और रविदास वोटर अहम भूमिका में बताए जा रहे हैं।

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2015 के नतीजे: 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से जदयू के श्याम रजक ने हम (सेक्यूलर) के राजेश्वर मांझी को 45,713 वोटों के भारी अंतर से हरा दिया था। साल 2015 में जदयू के श्याम रजक यहां से छठवीं बार विधायक चुने गए थे. 

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फुलवारीशरीफ विधानसभा सीट बिहार के पटना जिले का हिस्सा है। यहां अब तक कुल 11 बार विधानसभा चुनाव हुआ है, जिसमें से सबसे ज्यादा चार बार राजद, तीन बार कांग्रेस और दो बार जदयू के प्रत्याशी विधायक चुने जा चुके हैं।

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