बिहार महागठबंधन डील: RJD 135 कांग्रेस 70 माले 19 CPI- CPM 10 VIP 9 सीट लड़ेगी !

Smart News Team, Last updated: 02/10/2020 09:08 PM IST
  • बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की तारीखों के ऐलान के बाद सीटे शेयरिंग मुद्दे पर महागठबंधन में जारी खींचतान थमती नजर आ रही है. दरअसल राजद और कांग्रेस ने बिहार महागठबंधन के सीट शेयरिंग का फार्मूला लगभग तय कर लिया है. राजद 135, कांग्रेस 70, सीपीआई 19, सीपीएम 10 और वीआईपी 9 सीटों पर लड़ सकती है.
बिहार महागठबंधन में राजद 135, कांग्रेस 70, सीपीआई माले 19, सीपीआई-सीपीआई एम 10, वीआरपी 9 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग के फॉर्मूले के करीब पहुंच चुकी है. ताजा जानकारी के मुताबिक बिहार महागठबंधन में शामिल पार्टियों जैसे कांग्रेस 70 सीटों, लेफ्ट पार्टी 29 सीटों, मुकेश सहनी की वीआईपी 9 सीटों पर और राजद 135 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. हालांकि अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है.

कांग्रेस नेता के मुताबिक महागठबंधन में शामिल दल कुछ दिनों में जब यह तय कर लेंगे कि वह किन-किन विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. इसके बाद महागठबंधन की तरफ से सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी. हालांकि महागठबंधन में तय नजर आ रहे सीट शेयरिंग फॉर्मूले में अतिम समय में परिवर्तन होने से इनकार नहीं किया जा सकता है.

सूत्रों के मुतबाकि तीनों लेफ्ट पार्टियों सीपीआई, सीपीआई (एम), सीपीआई (मार्क्सवादी लेनिस्टीन) को 2019 लोकसभा चुनाव परिणामों का विश्लेषण करने के बाद महागठबंधन में शामिल किया है. दरअसल इन तीनों लेफ्ट पार्टियों ने लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार में महागठबंधन के वोटबैंक में सेंधमारी की थी. इस वजह से 2019 लोकसभा चुनाव में बिहार महागठबंधन का प्रदर्शन काफी बुरा रहा था. महागठबंधन एनडीए के सामने सिर्फ एक सीट जीतने में सफल रहा था. हालांकि राजद की तरफ से एक विश्लेषण और कराया गया था कि उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और जीतन राम मांझी की हम महागठबंधन के वोट प्रतिशत को बढ़ाने में नाकाम रहे. ये दोनों दल अपने वोटर्स को महागठंबंधन की तरफ नहीं ला पाए. यही कारण है कि अब बिहार विधानसभा चुनाव में दोनो दल महागठबंधन से बाहर हैं.

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कांग्रेस नेता ने बताया कि सीट बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस में जारी मतभेद पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी के स्पष्ट संदेश के बाद दूर हो गया है. दरअसल सोनिया गांधी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा था कि कांग्रेस 70 सीटों से कम पर नहीं मानेगी. बता दें कि सीट बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस आमने सामने थे. कांग्रेस लगातार महागठबंधन में 75 सीटों की मांग कर रही थी. वहीं राजद सिर्फ 58 सीटें देने की बात कर रही थी. मामला इतना बढ़ किया बाद में सोनिया गांधी को इसमे हस्तक्षेप करना पड़ा.

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सीट बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस की गहमागहमी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते शुक्रवार को बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने लालू यादव की गैर मौजूदगी में राजद की कमान संभाल रहे उनके बेटे तेजस्वी यादव को अनुभवहीन और दूसरे लोगों गुमराह होने वाला बताया था. शक्ति सिंह गोहिल के इस बयान पर राजद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था वह यह न भूलें की राजद सूप्रीमो लालू यादव ने सोनिया गांधी का उस समय साथ दिया था जब वह विदेशी मुद्दे पर विपक्षी ही खुद की पार्टी के नेताओं के निशाने पर थी.

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