बिहार चुनाव में डेढ़ लाख वाहनों की जरूरत, जुटाने में लगे अधिकारी

Smart News Team, Last updated: 04/10/2020 06:29 PM IST
  • परिवहन विभाग ने सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि अपनी जरूरतों के लिए कितनी गाड़ियो की जरूरत होगी इसकी जानकारी उपलब्ध कारवाई जाए ताकि जरूरी गाड़ियों की जब्ती विभाग द्वारा की जा सके. इन वाहनों को इस्तेमाल अलग-अलग श्रेणी के लिए किया जाएगा.
प्रतीकात्मक फोटो 

पटना. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जिलों को डेढ़ लाख से अधिक वाहनों की जरूरत होगी. इसके लिए परिवहन विभाग ने जब्त की प्रक्रिया के तहत शुरू करने जा रहा है. इन वाहनों को इस्तेमाल अलग-अलग श्रेणी के लिए किया जाएगा. वहाँ के आकार और प्रकार के अनुसार ही सरकार ने किराया तय किया है. इसके साथ ही गाड़ी के ड्राइवर को खाने पीने के लिए अलग से पैसे दिये जाएंगे. 

परिवहन विभाग ने सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि अपनी जरूरतों के लिए कितनी गाड़ियो की जरूरत होगी इसकी जानकारी उपलब्ध कारवाई जाए ताकि जरूरी गाड़ियों की जब्ती विभाग द्वारा की जा सके. इस पर जिलों ने विभाग को सूची दी है इस सूची के अनुसार कुल जिलों को एक लाख 56 हजार गाड़ियों की जरूरत इस विधानसभा चुनाव में होगी. जिसमें 65 सौ ट्रक 11 हजार से अधिक बसकी जरूरत होगी. इसके साथ ही 38 हजार से अधिक मध्यम आकार के वाहन और 99 हजार से अधिक छोटे वाहनों की जरूरत पड़ेगी.

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जानकारी मिली है की गाड़ियों की जब्ती के लिए तीन श्रेणियाँ बनाई गई हैं. पहली श्रेणी में एक या दो दिन के लिए जब्त की जाने वाली गाड़ियों को रखा जाएगा. ये वो गाडियाँ होगी जो मतदान केंद्र तक कर्मीयों या सुरक्षाकर्मीयों को पहुंचा सक्ने के लिए होंगी. वहीं दूसरी श्रेणी उन गाड़ियों को रखा गया है जो एक जिले से दूसरे जिलों में जाने का काम किया जाएगा. इसमें बस, ट्रक जैसी बड़ी गाड़ियाँहोगी जो सुरक्षा बल के जवान एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने का काम करेंगी. तीसरी श्रेणी में उन गाड़ियों को रखा गया है जिनको पूरे चुनावी काल के लिए जब्त किया जाएगा.

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