बिहार शिक्षा गाइडलाइन: क्लास 9 से 12 तक स्कूल खुलेंगे, कॉलेज में लास्ट ईयर पढ़ाई

Smart News Team, Last updated: Thu, 24th Dec 2020, 5:33 PM IST
  • बिहार में 4 जनवरी 2021 से स्कूल और कॉलेज खुलने जा रहे हैं. हालांकि, स्कूल में सिर्फ 9वीं से 12वीं तक और कॉलेज में ग्रेजुएशन व पीजी की अंतिम वर्ष की कक्षाएं चलेंगी.
बिहार शिक्षा गाइडलाइन: क्लास 9 से 12 तक स्कूल खुलेंगे, कॉलेज में लास्ट ईयर पढ़ाई

पटना. कोरना काल में बंद बिहार में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल, कॉलेज में ग्रेजुएशन और पीजी की लास्ट ईयर की कक्षाएं 4 जनवरी 2021 से खुलने जा रही हैं. शिक्षा विभाग ने प्रदेश में इसको लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. नीतीश सरकार के निर्देश के अनुसार, किसी भी क्लास में सिर्फ 50 फीसदी छात्र ही जा सकेंगे. ऐसे में आधे छात्र एक दिन और बाकी आधे छात्रों को दूसरे दिन बुलाना होगा. वहीं स्कूल और कॉलेज की बाकी कक्षाओं को खोलने पर 18 जनवरी के बाद फैसला किया जाएगा.

स्कूल-कॉलेजों के लेकर जारी गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी कक्षा में सिर्फ 50 फीसदी छात्र-छात्रा ही एक दिन में आ सकेंगे. जो 50 प्रतिशत छात्र पहले दिन स्कूल जाएंगे वे अगले नहीं जाएंगे. अगले दिन बचे हुए 50 फीसदी छात्र आएंगे. अगर किसी कक्षा में छात्र-छात्राओं की संख्या काफी ज्यादा है तो वो दो शिफ्ट में पढ़ाई का इंतजाम करेंगे.

बिहार गाइडलाइन: 4 जनवरी से स्कूल-कॉलेज खुलेंगे, आधे क्लास में, बाकी घर से पढ़ेंगे

गाइडलाइन अनुसार, सरकारी स्कूलों में छात्र और छात्राओं को दो-दो मास्क दिए जाएंगे. वहीं स्कूल-कॉलेज खोलने से पहले कक्षा से लेकर बेंच तक, गेट से लेकर खिड़की तक, किचन से लेकर वाशरूम तक सबका सैनिटाइजेशन कराया जाएगा. स्कूल और कॉलेज में हाथ की सफाई, सैनेटाइजर, साबुन और डिजिटल थर्मामीटर की सुविधा का इंतजाम किया जाएगा.

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वहीं स्कूलों में टीचर और छात्रों की एक टास्क फोर्स भी बनाई जाएगी जो स्कूल या कॉलेजों में नियमित साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों के पालन का ध्यान रखेंगे.

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वहीं दो छात्रों के बीच बैठने के लिए कम से कम 6 फीट की दूरी रखनी होगी. अगर सिंगल बेंच उपलब्ध है तो भी दो बेंच के बीच 6 फीट की दूरी रहेगी. टीचर्स और स्टाफ रूम में भी 6 फीट की दूरी के अनुसार कुर्सी और टेबल लगाए जाएंगे. इसके साथ ही संस्थान के एंट्री और एग्जिट गेट पर भीड़ कम करने के लिए हर क्लास के छूटने का समय अलग रहेगा.

गाइडलाइन के अनुसार, संस्थान में समारोह, त्योहार आदि के आयोजन से बचें जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन मुश्किल हो जाए. वहीं पेरेंट-टीचर मीटिंग यथासंभव वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जाए. स्कूलों में सुबह प्रार्थना ग्राउंड की जगह क्लासों में ही करवाई जाए जिससे भीड़ ना जमा हो सके. छात्रों को माता-पिता या अभिभावक की सहमति के बाद भी बच्चे स्कूल या कॉलेज आ सकते हैं. अगर उनका परिवार चाहता है कि बच्चे घर से ही पढ़ें तो उन्हें यह सुविधा दी जाएगी. हालांकि, ऐसे बच्चों की पढ़ाई की मॉनीटरिंग का इंतजाम किया जाएगा.

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