नीतीश के नए मंत्रियों को मिले मंत्रालय, किसे मिला कौन-सा विभाग, देखें पूरी लिस्ट

Smart News Team, Last updated: Tue, 9th Feb 2021, 4:57 PM IST
  • बिहार के नए मंत्रियों को मंत्रालय बांट दिए गए हैं. जिनमें से बीजेपी के शाहनवाज हुसैन को उद्योग और जदयू के नारायण प्रसाद को पर्यटन विभाग मिला है. आपको बता दें कि बीजेपी के 9 और जदयू के 8 मंत्रियों ने शपथ ली है.
बिहार कैबिनेट के नए मंत्रियों के बीच विभाग बांट दिए गए हैं. प्रतीकात्मक तस्वीर

पटना. बिहार में मंगलवार का नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है. राजभवन में 17 नए मंत्रियों ने शपथ ली. जिसमें बीजेपी से 9 और जदयू के 8 मंत्रियों ने शपथ ली है. बिहार कैबिनेट के नए मंत्रियों को मंत्रालय दे दिए गए हैं. नए मंत्रियों में शाहनवाज हुसैन को उद्योग मंत्रालय दिया गया है और जदयू के सुमित कुमार सिंह को सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री बनाया गया है.

बिहार कैबिनेट के गठन होने के बाद 85 दिनों के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है. सबसे पहले बीजेपी के शाहनवाज हुसैन ने उर्दू में शपथ ग्रहण की. मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को बिहार सरकार की नई कैबिनेट मीटिंग होगी.नए मंत्रियों में शाहनवाज हुसैन को उद्योग विभाग मिला है, वहीं श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास विभाग, मदन साहनी को समाज कल्याण विभाग और संजय कुमार को जल संसाधन और सूचना जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.

बिहार में नीतीश कैबिनेट का हुआ विस्तार, भाजपा से 9 और जदयू से 8 नेता बने मंत्री

बिहार कैबिनेट में जमा खान को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मिला है. इसके अलावा आलोक रंजन को कला और संस्कृति, सभाष सिंह को सहकारिता मंत्रालय, सम्राट चौधरी को पंचायती राज विभाग, नितिन नवीन को पथ निर्माण विभाग, नीरज सिंह बबलू को पर्यावरण वन और जलवायु विभाग और लेसी सिंह को खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

बिहार पुलिस की अपराध पर लगाम लगाने की तैयारी, दोबारा आया नाम तो रद्द होगी जमानत

नए मंत्रियों में जनक राम को खान और भूतत्व विभाग मिला है. वहीं सुमित कुमार सिंह को सूचना और प्रौद्योगिकी, नारायण प्रसाद को पर्यटन, प्रमोद कुमार को गन्ना उद्योग और विधि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा जयंता राज को ग्रामीण विभाग और सुनील कुमार को मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग मिला है. 

बिहार में स्कूल से वापस लौटे छात्र, कमरों में पुलिस के रुकने से नहीं हुई पढ़ाई

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें