नीतीश सरकार का फैसला- बिहार के सभी जिलों में तैयार किए जाएंगे ऑक्सीजन युक्त बेड

Smart News Team, Last updated: Thu, 22nd Apr 2021, 6:01 PM IST
  • बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में 100 से 500 अस्थायी ऑक्सीजन वाले बेड तैयार करने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए नीतीश सरकार ने बिहार में क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक की स्थापना करने का निर्णय लिया है.
बिहार के सभी जिलों में 100 से 500 ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार किए जाएंगे.

पटना. बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नीतीश सरकार ने सभी जिलों में 100 से 500 अस्थायी ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार करने का फैसला लिया है. ये काम बीएमएसआईसीएल को सौंपा गया है. इसकी जानकारी बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने दी है. उन्होंने बताया कि क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक की स्थापना और 100 ट्रू नेट मशीन को खरीदने का फैसला लिया गया है.

बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बिहार के लिए 24 हजार रेमडिसिवर का आवंटन किया है. इसे लेने के लिए बीएमएसआईसीएल के स्तर पर अलग-अलग कंपनियों से बातचीत की जा रही है. उन्होंने कहा कि बिहार ने 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन हर रोज उपलब्ध कराने की मांग केन्द्र से की है.

बिहार लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को मनरेगा योजना के तहत दिया जाएगा काम,आदेश जारी

प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अनुमंडल स्तर पर बनाए जाने वाले क्वारंटीन सेंटर के संचालन को लेकर निर्देश दे दिए गए हैं. इस सेंटर पर ज्यादा से ज्यादा 4 दिन बाहर से आने वाले रहेंगे. जहां पहले  ही दिन उनकी कोरोना जांच की जाएगी. जांच में नेगेटिव आने पर उन्हें तत्काल घर भेज दिया जाएगा. संक्रमित पाए जाने पर उन्हें आइसोलेशन कोविड हेल्थ केयर सेंटर पर लक्षण के आधार पर भेजा जाएगा.

राहत! बिहार को केंद्र सरकार द्वारा कोटे के तहत मिलेगी रेमडेसिविर दवा

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय ने कहा कि 1 मई से 18 साल से ज्यादा के व्यक्तियों को वैक्सीन लगाने के लिए टीकाकरण सेंटर बनाए बढ़ाने समेत दूसरी व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है. प्रधान सचिव ने बताया कि जनगणना के आधार पर प्रदेश में 18 से 44 साल के लगभग 5 करोड़ 57 लाख व्यक्तियों वैक्सीन लगाने का अनुमान लगाया गया है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें