बिहार का पहला तैरता बिजलीघर तैयार, नीचे मछली, ऊपर बिजली

Sumit Rajak, Last updated: Tue, 8th Feb 2022, 11:48 AM IST
  • बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आयी है. राज्य का पहला तैरता हुआ सोलर एनर्जी प्लांट बनकर तैयार हो गया है. दरभंगा के कादिराबाद में बिजली विभाग के तालाब में बनाए गए प्लांट की क्षमता 2 मेगावाट है. इसकी लागत 7 करोड़ रुपये है. इस तालाब के अंदर मछली पालन होगा वहीं, दूसरी तरफ इसके ऊपर लगे सोलर प्लेट्स से बिजली उत्पादन भी होगा.
फाइल फोटो

पटना.पानी में तैरता हुआ बिहार का पहला सोलर प्लांट (फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट) दरभंगा में बनकर तैयार हो गया. इसका उद्घाटन जल्द होगा. देश में संभवतः यह पहला बिजलीघर है. जो मेगावाट के स्तर पर है. अन्य राज्यों में किलो वाट के स्तर पर ही फ्लोटिंग पावर प्लांट है. बिहार में प्रयोग के तौर पर शुरू इस बिजलीघर के सफल होने के बाद जलजमाव वाले अन्य इलाकों में भी इसे बनाने का रास्ता साफ हो गया. इसका काम जल जीवन हरियाली अभियान के तहत हुआ. बीते वर्षो में बिहार यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन परियोजना पर काम करने का निर्देश दिया था. 

दरभंगा बिजली कंपनी के कार्यालय में मौजूद तलाब में इसे बनाया गया है.1 मेगा वाट के लिए औसतन चार 5 एकड़ के तलाव की जरूरत होती है. जबकि बिजली कंपनी कार्यालय 10 एकड़ से अधिक का तलाव है. इसलिए यहां लगभग 2 मेगावाट की बिजली परियोजना पर काम हुआ है. दिसंबर 2021 में इसे पूरा करने का लक्ष्य था, जो जनवरी 2022 में पूरा हुआ. यह पावर प्लांट ग्रेट से कनेक्टेड होगा. यानी यहां से उत्पादित बिजली ग्रिड से होते हुए उपभोक्ता तक पहुंचेगी. ए-इनर्जी प्राइवेट लिमिटेड इन एजेंसी में इसे बनाया है. बिहार सरकार इस एजेंसी में करार करेगी. अगले 25 साल तक 4.15 प्रति यूनिट की दर से सोलर बिजली की खरीदारी बिहार करेगा.

चाय दुकानदार को बाकाया रुपये मांगना पड़ा मंहगा, पहले की मारपीट फिर सीने में मारी गोली

बता दें कि दूसरी और सुपौल में भी एक तालाब में भी फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट पर काम हो रहा है. मार्च में यह बन जाएगा. यहां की क्षमता 0.525 मेगावाट की है. गेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड एजेंसी यहां काम कर रही है.

 ऐसा है फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट

फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट भूमि-आधारित और संयंत्र के लिए ऐसा विकल्प है. जिसमें जल निकायों की सतह पर फोटोवोल्टिक पैनल लगाए जाते हैं. इन फ्लोटिंग सोलर प्लांट को स्थापित करने का एक अन्य लाभ जल निकायों का शीतलन प्रभाव है. जिससे इन सौर पैनलों का प्रदर्शन 5 10 प्रतीशत बढ़ जाता है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें