लालू बोले जेडीयू का विसर्जन करने आया हूं तो नीतीश ने कहा- वो चाहें तो गोली मरवा सकते हैं

Swati Gautam, Last updated: Tue, 26th Oct 2021, 8:47 PM IST
  • बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने कहा है कि आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव चाहें तो गोली मरवा सकते हैं, इसके अलावा और कुछ नहीं कर सकते. जमानत पर छूटने के बाद कुछ दिन पहले ही उप-चुनाव प्रचार के लिए पटना आए लालू ने मंगलवार को कहा था कि वो जेडीयू का विसर्जन करने आए हैं.
लालू बोले जेडीयू का विसर्जन करने आया हूं तो नीतीश ने कहा- वो चाहें तो गोली मरवा सकते हैं

पटना. राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जमानत पर छूटने पर बिहार वापसी के बाद से अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं. आए दिन विपक्ष पर बयानबाजी को लेकर चर्चा का विषय बन हुए हैं. हाल ही में लालू प्रसाद ने चुनावी सभा के जाने के क्रम में मंगलवार को कहा था कि वह जदयू का विसर्जन करने आए हैैं. लालू के इस बयान पर सीएम नीतीश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गोली मरवा दें, बाकी कुछ कर नहीं सकते वह. चाहें तो गोली जरूर मरवा सकते हैैं.

वहीं जब सीएम नीतीश से लालू प्रसाद की चुनावी सभा के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने बड़े सहज अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा कि अरे जाएं न भाई. कुछ लोगों के लिए अपने परिवार को बढ़ाना ही सबसे बड़ी बात है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तारापुर और कुशेश्वरस्थान में हो रहे उप चुनाव के क्रम में अपनी चुनावी सभाओं से वापस लौटते दौरान पटना हवाई अड्डा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत की. उसी दौरान लालू यादव पर उन्होंने बड़े बयान दिए. सीएम सिंह के लालू पर 'गोली मरवा दें' के बयान के बाद से राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैल गई है.

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इसी दौरान एक संवादाता ने सीएम नीतीश कुमार से चुनावी सभाओं में जनता के मिजाज के बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि जनता का मूड ठीक है. वहीं उनसे दूसरा सवाल किया गया कि राजद रोजगार के मसले को उठा रहा है. इस पर सीएम ने कहा कि किसी को कुछ मालूम नहीं है कि हम लोगों ने कितने लोगों के लिए रोजगार का प्रबंध किया है. जो बोल रहे हैं उन्हें 15 वर्षों तक काम करने का मौका मिला था. बताएं कि कितने लोगों को रोजगार दिया? रोजगार के अतिरिक्त अपना उद्यम स्थापित किए जाने को ले हमलोगों ने एससी-एसटी को पांच लाख रुपए का ऋण और पांच लाख के अनुदान की योजना चलाई. मात्र एक प्रतिशत पर. बाद में यह योजना अति पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए भी शुरू की गई. सभी वर्ग के लिए महिलाओं के लिए भी योजना चल रही. हम लोग एक-एक काम करवा रहे हैं .

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