नीति आयोग रिपोर्ट के बाद CM नीतीश ने गिनाए 15 साल में खुले इंजीनियरिंग कॉलेज

Smart News Team, Last updated: Wed, 9th Jun 2021, 11:40 PM IST
  • नीति आयोग की एसडीजी रिपोर्ट के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करके 15 साल में खुले इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्नीक कॉलेज की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पिछले 15 सालों में 38 इंजनीयरिंग कॉलेज और 31 पॉलिटेक्नीक खुले.
सीएम नीतीश कुमार ने पिछले 15 साल में खुले इंजीनियरिंग-पाॅलीटेक्नीक काॅलेज के बारे में बताया.

पटना. नीति आयोग आयोग की एसडीजी रिपोर्ट में बिहार को सबसे अंतिम पायदान मिला है. जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को ट्वीट करते हुए 15 सालों में बिहार में खुले इंजीयिरिंग और पॉलिटेक्नीक कॉलेज के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 1954 से 2005 तक बिहार में कुल 3 इंजीनियरिंग और 13 सरकारी पॉलिटेक्नीक संस्थान थे. जिनकी प्रवेश क्षमता लगभग 800 और 3 हजार 840 थी.

सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए कहा कि पिछले 15 सालों में 38 अभियंत्रण महाविद्यालयों (इंजीनियरिंग कॉलेज) और 31 पॉलिटेक्नीक संस्थानों की स्थापना की गई है. जिनकी प्रवेश क्षमता क्रमश 9 हजार 975 और 11 हजार 332 है. उन्होंने कहा कि अब राज्य के हर जिले में कम से कम एक इंजीनियरिंग कॉलेज है. उच्च तकनीकी शिक्षा में विकास का प्रयास जारी रहेगा.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि देश के पुराने अभियंत्रण महाविद्यालयों में से एक बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पटना को केन्द्र में रहते हुए 2004 में एनआईटी में परिवर्तित कराया. हाल ही में नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्यों यानी एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैश बोर्ड 2020-21 का तीसरा संस्करण जारी किया. इस रिपोर्ट में पूरे देश में केरल 100 में 75 अंकों के साथ पहले स्थान पर है तो बिहार 52 अंकों के साथ सबसे पिछड़ा राज्य साबित हुआ.

नीति आयोग एसडीजी रिपोर्ट को हर साल जारी करता है. एसडीजी इंडेक्स के जरिए राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण स्तर पर हो रही प्रगति का अनुमान लगाया जाता है. नीति आयोग की एसडीजी रिपोर्ट में बिहार, झारखंड और असम सबसे खराब राज्य साबित हुए हैं.

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