हिजाब पर बोले नीतीश, मास्क पहनने तो बोल ही रहे, कोई सिर कवर कर रहा तो बहस क्यों

Swati Gautam, Last updated: Mon, 14th Feb 2022, 8:04 PM IST
  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद को लेकर अपनी राय देते हुए कहा है कि हिजाब विवाद जैसे चीजों पर बहस की कोई जरूरत नहीं है और ना ही ध्यान देने की जरूरत है. कोरोना से बचाव के लिए सरकार सभी को मास्क लगाने के लिए तो कह ही रही हैं. उस पर अगर कोई अपना सिर ढंक लें तो बहस क्यों?
बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (file photo)

पटना. कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. मामले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक नेता लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मामले को लेकर अपनी राय देते हुए कहा कि हिजाब विवाद जैसे चीजों पर बहस की कोई जरूरत नहीं है और ना ही ध्यान देने की जरूरत है. सीएम नीतीश ने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार सभी को मास्क लगाने के लिए तो कह ही रही हैं. उस पर अगर कोई अपना सिर ढंक लें तो बहस क्यों. सीएम नीतीश ने सवाल करते हुए कहा कि क्या इस चीज पर बहस करने की जरूरत है?

नीतीश कुमार ने जनता दरबार की अध्यक्षता करने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कई बड़े बयान दिए. सीएम नीतीश ने हिजाब विवाद को बेमतलब बताते हुए कहा कि हिजाब का विवाद बेकार का है, इसका कोई मतलब नहीं है. बिहार के स्कूल में सब लोग एक तरह की ड्रेस पहनते हैं लेकिन सर के ऊपर अगर कोई हिजाब लगा लेगा या माथे पर चंदन लगा लेगा तो उस पर क्या किया जा सकता है. बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोगों का जीवन जीने का अपना तरीका होता है और उसमें किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.

तेज प्रताप के आवास पर मारपीट व हंगामा, जान से मारने की मिली धमकी, जानें मामला

सीएम योगी ने भी दिया बड़ा बयान

कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद को लेकर अब कई बड़े नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिजाब विवाद को लेकर कहा था कि व्यवस्था संविधान के अनुरूप चलनी चाहिए, हमारी व्यक्तिगत आस्था और पसंद-नापसंद हम देश और संस्थाओं पर लागू नहीं कर सकते हैं. क्या मैं उत्तर में सभी कर्मचारियों या लोगों को बोल सकता हूं कि आप भी भगवा धारण करें?

सीएम योगी ने उदाहरण देते हुए कहा था कि स्कूल में ड्रेस कोड लागू होना चाहिए. स्कूल का विषय है, स्कूल के अनुशासन का विषय है. आर्मी में कोई कहेगा कि हम अपने अनुसार चलेंगे, फोर्स में कोई इस प्रकार की बात कहेगा? कहां अनुशासन रह पाएगा. व्यक्तिगत आस्था आपकी अपनी जगह होगी, लेकिन जब संस्थाओं की बात होगी तो हमें संस्था के नियम कानून को हमें मानना होगा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें