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पटना: नियमों की धज्जियां उड़ा रहे ऑटो ड्राइवर, पटनावालों से वसूल रहे दोगुना भाड़ा

Smart News Team, Last updated: 04/06/2020 01:55 PM IST
  • टना में ऑटो वाले नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को बैठा रहे हैं और किराया भी दोगुना वसूल रहे हैं। परिहवन विभाग ने निर्धारित किराये पर ही सवारी बैठाने का आदेश निकाला है। फिर भी ऑटो चालक कई रूटों पर यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं।
परिवहन विभाग के आदेश को नहीं मान रहे पटना के ऑटो ड्राइवर, यात्रियों से वसूल रहे दोगुना भाड़ा

कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन में मिली छूट के बाद पटना की सड़कों पर ऑटो और बसें तो दिख रही हैं, मगर उनकी मनमानी भी बढ़ गई है। कोरोना संकट के बीच बिहार में एक जून से बसों और ऑटो के परिचालन पर लगी पाबंदी हटा दी गई है और ऑड-ईवन नियम के तहत ऑटो के परिचालन को मंजूरी दी गई हैष मगर इस नियम को ताक पर रखकर पटना में ऑटो चल रहे हैं। पटना में ऑटो वाले नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को बैठा रहे हैं और किराया भी दोगुना वसूल रहे हैं। परिहवन विभाग ने निर्धारित किराये पर ही सवारी बैठाने का आदेश निकाला है। फिर भी ऑटो चालक कई रूटों पर यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं।

पटना में ऑटोवालों की मनमानी का आलम तो यह है कि शहर के दानापुर, पटना सिटी और परसा-पुनपुन रूट में यात्रियों से दोगुना से तिगुना किराया वसूला जा रहा है। संकट की इस घड़ी में यात्री भी अधिक पैसा देने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा निर्धारित पैसेंजर्स की संख्या भी ऑटो में अनदेखी की जा रही है।

बुधवार को भी पटना में ऑटोवालों की मनमानी का कई लोग शिकार हुए। दानापुर से एग्जीबिशन रोड आने वाली रीता देवी ने कहा कि पहले दानापुर से पटना जंक्शन का 18 रुपये था। अब ऑटो वाले 36 रुपये ले रहे हैं। दानापुर से गांधी मैदान आने के लिए भी 40 रुपये वसूल रहे हैं। जबकि पैसेंजर्स की संख्या पहले की तरह ही होती है ऑटो में।

इसके अलावा, कई यात्रियों का कहना है कि एक दो सवारी रहे तो पैसा देने में परेशानी नहीं है, लेकिन ऑटो खचाखच भरा रहता है फिर भी अधिक पैसा मांगते हैं। यात्रियों ने कहा कि पटना सिटी, दानापुर रूट में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं।

पटना सिटी के एक यात्री मनोज कुमार ने कहा कि उनके पास आने-जाने का साधन नहीं है। जहां से वे आते हैं, वहां बस भी नहीं जाती है। मजबूरी में ऑटो से आना पड़ता है। ऑटो चालक मजबूरी का फायदा उठाकर अधिक पैसे ऐंठते हैं।

हालांकि, इधर ऑटो चालकों का भी अपना रोना है। ऑटो चालकों का कहना है कि इतनी भी सवारी नहीं मिल पा रही है कि पेट्रोल-डीजल का दाम निकल सके। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव राजकुमार झा ने कहा कि कई ऑटो चालकों को किराये के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। उन लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

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