सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सात साल से कम सजा मामले में बिना कारण न हो गिरफ्तारी

Smart News Team, Last updated: Sat, 29th May 2021, 8:00 AM IST
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिया है कि सात साल से कम सजा मामले में बिना कारण किसी की भी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए. साथ ही यह भी कहा है कि अगर गिरफ्तारी होती है तो पुलिस को चेकलिस्ट बनाकर उसमे गिरफ्तारी का कारण बताना होगा.
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सात साल से कम सजा मामले में बिना कारण न हो गिरफ्तारी

पटना. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब बिना कारण किसी को भी सात साल से कम सजा वाले मामले में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है. वहीं इस आदेश का पालन करते हुए बिहार डीजीपी एसके सिंघल ने इस सम्बंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए है. जिसके अनुसार अब पुलिस वालों को किसी को भी गिरफ्तार करने पर उसकी गिरफ्तारी के कारण को बताते हुए एक चेकलिस्ट बनानी होगी. 

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि सात साल की सजा वाले किसी भी अपराध में आरोपित को किन परिस्थितियों में गिरफ्तार किया जा सकता है. साथ ही यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें किन परिस्थितियों में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है. साथ ही यह भी बताया है कि यदि किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं  किया जाता है तो उसे सीआरपीसी की धारा 41 (A) के तहत उसे रोज थाने में आकर हाजिरी लगाने की नोटिस दिया जाएगा. 

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वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अगर किसी आरोपित को किसी अपराध के लिए गिरफ्तार भी किया जाता है तो उसकी एक वाजिब वजह होनी चाहिए. साथ ही पुलिस को एक चेकलिस्ट बनानी होगी. जिसमे उन्हें बताना होगा कि उन्हीने आरोपित को किस कारण से गिरफ्तार किया है.

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