कोरोना काल में डॉक्टरों की मनमानी, सरकार की हिदायत के बाद भी ड्यूटी से रहे गायब

Smart News Team, Last updated: Tue, 9th Jun 2020, 8:39 PM IST
  • 30 अप्रैल और मई के विभिन्न तारीखों को कराये गए औचक जांच में फिर से 53 डॉक्टरों के अस्पताल से गायब होने की सूचना मिली है। इसके पूर्व भी जांच में दो सौ से अधिक डॉक्टर डयूटी से गायब पाए गए हैं।
पटना न्यूज: औचक निरीक्षण में फिर 53 डॉक्टर ड्यूटी से गायब पाए गए (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बिहार में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। हर दिन कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, मगर इस बीच डॉक्टरों की लापरवाही के भी मामले सामने आ रहे हैं। दरअसल, कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या के बीच बिहार के सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के ड्यूटी से गायब रहने की आदत बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार की बार-बार दी जा रही हिदायतों के बाद भी कुछ डॉक्टर ड्यूटी से गायब बने हुए हैं। ऐसे डॉक्टरों पर जब भी कार्रवाई करने की बात होती है तो डॉक्टरों का संगठन उनका साथ देने लगता है। ऐसे में कोरोना पर बिहार में कैसे काबू पाया जाए? दरअसल, 30 अप्रैल और मई के विभिन्न तारीखों को कराये गए औचक जांच में फिर से 53 डॉक्टरों के अस्पताल से गायब होने की सूचना मिली है। इसके पूर्व भी जांच में दो सौ से अधिक डॉक्टर डयूटी से गायब पाए गए हैं।

तीन दिन में स्पष्टीकरण की मांग

डॉक्टरों के कोरोना काल में ड्यूटी से अक्सर गायब रहने की प्रवृत्ति को गंभीरतापूर्वक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को नोटिस जारी कर सभी 53 डॉक्टरों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव अनिल कुमार ने निर्देश दिया कि तीन दिनों के अंदर सभी चिन्हित किये गए डॉक्टर स्पष्टीकरण दाखिल करें।

आपदा की घड़ी में निर्देशों का उल्लंघन

संयुक्त सचिव अनिल कुमार ने कहा, 'स्वास्थ्य विभाग वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम के लिए अथक प्रयास कर रहा है। इस आपदा की घड़ी में भी चिन्हित चिकित्सा पदाधिकारी अपने कर्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं जो कि विभागीय निर्देशों की अवहेलना और सरकारी कामकाज के प्रति घोर लापरवाही का प्रतीक है। उन्होंने इसे अत्यंत खेदजनक बताया।

जांच पर उठाए सवाल

वहीं, दूसरी ओर कोरोना काल में आईएमए बिहार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर ढाई महीने से निरंतर काम में जुटे डॉक्टरों के लिए अवकाश पूर्व की भांति लागू करने की मांग की है। आईएमए, बिहार के अध्यक्ष डॉ विमल कारक ने कहा कि डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को अब लॉकडाउन के बाद अवकाश दिया जाना चाहिए। वहीं, बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के महासचिव डॉ रणजीत कुमार ने कहा कि डॉक्टरों की उपस्थिति जांच का तरीका ही गलत है।

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