पटना: शिक्षा विभाग ने की फर्जीवाड़ा रोकने की तैयारी, मुखिया की मनमानी नहीं चलेगी

Smart News Team, Last updated: Wed, 4th Aug 2021, 11:19 PM IST
  • राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में होने वाली फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. सूत्रों से पता चला है कि नए साल के मौके पर कुछ महत्वपूर्ण बदलाव कर अध्यापकों की नियुक्ति सही से की जाएगी ताकि मुखिया की मनमानी न चल सके. इससे समय और पैसा भी बचेगा.
पटना: शिक्षा विभाग ने की फर्जीवाड़े रोकने की तैयारी, मुखिया की मनमानी नहीं चलेगी

पटना. राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में होने वाली फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. शिक्षा विभाग के सूत्रों से पता चला कि नए साल के मौके पर कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएगे ताकि मुखिया की मनमानी न चल सके.

इस समय शिक्षको को नियुक्त करने में काफी समय लगता है. इसमें जो भी अध्यापक बनने के लिए आवेदन करता है उसका काफी समय और पैसे भी लग जाते है. एक ही इंसान अलग-अलग नियोजन इकाइयों में आवेदन करने के कारण भी उन्हें काफी दिक्कत होती है. इसमें पैसे भी बहुत खर्च होते है. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार भी कह चुके हैं कि आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद बहुत सी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी.

साल 2019 के जुलाई महीने में छठे चरण के शिक्षक नियोजन के तहत शुरू हुई प्रक्रिया 18 महीने के बाद भी पूरी नहीं हुई. वर्ष 2006 में राज्य में नियुक्ति के नियम बने थे और 2020 तक सिर्फ छठे चरण की नियुक्ति चल सकी है. मतलब कि हर नियुक्ति को पूरा होने में दो साल से ज्यादा का समय लगता है. अगले साल यानी कि 2021 में करीब प्रारंभिक स्कूलो से लेकर विश्वविद्यालयों में करीब 1.70 लाख शिक्षक नियुक्त करने हैं इसलिए यह बदलाव और भी जरूरी हो जाते है.

आपको बता दे कि प्रदेश में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पंचायती संस्थाओं की अहम भूमिका है. इसमें कई गड़बड़ियों की शिकायत आती है. आवेदन ऑनलाइन होगे तो इसमें सुधार हो सकता है. मुखिया फिर किसी का फेवर भी नहीं कर सकेगा.

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