बिहार में शिक्षक बनने वालों के लिए खुशखबरी, STET सर्टिफिकेट जीवन भर होगा मान्य

Smart News Team, Last updated: Tue, 2nd Mar 2021, 4:50 PM IST
  • बिहार में शिक्षक बनने के लिए एसटीईटी सर्टिफिकेट की मान्यता को जीवन भर कर दिया है. बिहार विधान परिषद में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने ये ऐलान किया है. केन्द्र की तर्ज पर ही इस फैसले को बिहार में लागू किया गया है.
बिहार शिक्षा मंत्री ने विधान परिषद में एसटीईटी सर्टिफिकेट को आजीवन मान्य करने का ऐलान किया. प्रतीकात्मक तस्वीर

पटना. बिहार में अब एसटीईटी सर्टिफिकेट की मान्यता की समय सीमा समाप्त कर दी गई है. बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने विधान परिषद में ऐलान करते हुए कहा कि केन्द्र की तर्ज पर बिहार में भी एसटीईटी सर्टिफिकेट की मान्यता आजीवन होगी. आपको बता दें कि अभी तक टीईटी करने के बाद यदि अभ्यर्थी सात साल के भीतर शिक्षक नियुक्त नहीं होता है तो उसे फिर से टीईटी परीक्षा पास करनी होती है.

अब बिहार में एक बार माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसटीईटी) परीक्षा पास करने के बाद दोबारा इस परीक्षा को नहीं देना पड़ेगा. इस बारे में बिहार विधान परिषद में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि कक्षा 1 से 98 तक की शिक्षक नियुक्ति से जुड़ी टीईटी प्रमाण की वैधता 7 साल से बढ़ाकर आजीवन करने का फैसला लिया गया है. 

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इससे पहले बिहार सरकार ने पिछले साल 2020 में प्रारंभिक शैक्षिक पात्रता परीक्षा और माध्यमिक शिक्षा पात्रता परीक्षा की वैधता अविध बढ़ाई गई थी. जिसमें 2020 में अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट की खत्म हो रही अवधि को एक साल बढ़ाकर 2021 तक कर दिया गया था. अब बिहार में एसटीईटी सर्टिफिकेट की मान्यता आजीवन रहेगी.

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आपको बता दें कि पिछले साल नेशनल काउंसिल फोर टीचर एजुकेशन ने टीईटी को जीवन भर के लिए मान्य करने का फैसला किया था. इससे पहले टीईटी परीक्षा पास करने के बाद सर्टिफिकेट सिर्फ सात साल के लिए मान्य होता था. हर साल केन्द्र सरकार और राज्य सरकार टीईटी परीक्षा करवाती है. इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी बैठते हैं.

 

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