पेट्रोल-डीजल, गैस के बाद अब बिहार में बढ़ेंगे बिजली के दाम, 10 प्रतिशत महंगा होगा

Uttam Kumar, Last updated: Tue, 16th Nov 2021, 9:39 AM IST
  • बिहार की सभी बिजली कंपनी ने सोमवार को अपनी याचिका आयोग के पास दायर की है. इस याचिका में बिजली आपूर्ति के खर्च में हुई वृद्धि को आधार बताते हुए बिजली कंपनी ने सभी श्रेणी में लगभग 10 फीसदी बिजली दर बढ़ाने का अनुरोध किया है. 
बिहार में 10 प्रतिशत महंगा होगा बिजली. प्रतिकात्मक फोटो 

पटना. नए साल में बिहारवासियों को महंगाई का एक और झटका लग सकता है. पेट्रोल – डीजल और रसोई गैस के बाद अब नए साल में बिजली दर भी बढ़ सकती है. बिहार की सभी बिजली कंपनी ने नए साल के लिए बिजली बिल में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने की मांग की है. आयोग इस याचिका पर जनसुनवाई के बाद नई दर तय करेगा, जो एक अप्रैल 2022 से लागू होगा. 

दरअसल हर साल 15 नवम्बर तक बिजली कंपनी अगले साल के लिए बिजली दर का प्रस्ताव आयोग को भेजती है. आयोग इस याचिका पर जनसुनवाई के बाद नई दर तय करता है. जिसके बाद सभी बिजली कंपनी उस दर को एक अप्रैल से लागू करती है. उसी क्रम में बिहार की सभी बिजली कंपनी ने सोमवार को अपनी याचिका आयोग के पास दायर की है. इस याचिका में बिजली आपूर्ति के खर्च में हुई वृद्धि को आधार बताते हुए बिजली कंपनी ने सभी श्रेणी में लगभग 10 फीसदी बिजली दर बढ़ाने का अनुरोध किया है. 

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इस याचिका में शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के स्लैब को तीन के बदले दो करने की बात कही गई है. साथ ही शून्य से 100 यूनिट के पहले स्लैब को समाप्त किया जाएगा. बिजली कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार अब शहरी घरेलू कनेक्शन में शून्य से 200 यूनिट का पहला स्लैब होगा. जबकि दूसरा स्लैब 201 यूनिट से अधिक का होगा. संजीव  हंस, ऊर्जा सचिव व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, बिजली कंपनी के अनुसार कंपनी ने तय समय में बिजली दर की याचिका सौंप दी है। बिजली आपूर्ति के खर्च में हुई वृद्धि को देखते हुए 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा गया है। आयोग की ओर से तय दर के बाद राज्य सरकार अनुदान की घोषणा करेगी।

याचिका में खास

बिजली कंपनी ने औद्योगिक कनेक्शन(industrial connection) के लिए नई श्रेणी तय करेगी. बिजली कंपनीयों का कहना है कि छोटे उद्योगों के लिए अलग से एलटीआईएस श्रेणी है. जबकि बड़े उद्योगों के लिए एचटीएस श्रेणी है. लेकिन इसमें उद्योग के अलावा मॉल जैसे व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी कनेक्शन लेते हैं. इसी कारण पता नहीं चल पाता है कि वास्तविक में औद्योगिक कनेक्शन की संख्या कितनी है. इसके लिए एक नए श्रेणी बनाई जाएगी हालांकि बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं होगा. 

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