रॉबिनहुड से राजनीति: गुप्तेश्वर पांडेय VRS लेते हैं, बक्सर से टिकट नहीं ले पाते

Smart News Team, Last updated: 07/10/2020 10:26 PM IST
  • बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेते ही एक गाना आया, रॉबिनहुड बिहार के. गाना में पांडेय वर्दी में सिंघम की तरह नजर आए. बक्सर से चुनाव लड़ने की चाहत में डीजीपी का पद छोड़कर रिटायरमेंट से पहले राजनीति में आए रॉबिनहुड के साथ राजनीति हो गई.
गुप्तेश्वर पांडेय को नीतीश कुमार ने जेडीयू की सदस्यता दी थी और तभी से चर्चा चल रही थी कि पूर्व डीजीपी बक्सर सीट से चुनाव लड़ेंगे.

पटना. बिहार के पूर्व डीजीपी और वीआरएस ले चुके आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय को बक्सर से विधानसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद लोग उपमाएं खोज रहे हैं जो उनकी हालत बयां कर सके. कोई कह रहा है माया मिली ना राम. कोई कह रहा है ना घर के, ना घाट के. एक बार बीजेपी के चक्कर में और दूसरी बार जेडीयू के चक्कर में. नौकरी के पांच महीने बचे थे.

2009 के लोकसभा चुनाव में राजनीति का रस लेने के लिए गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस लिया था. तब वो बक्सर से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा लड़ना चाहते थे. 2020 में वीआरएस लिया. अब बक्सर से जेडीयू के टिकट पर विधानसभा लड़ना चाहते हैं. हसरत अधूरी सी दिख रही है. 

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जेडीयू ने बक्सर सीट एनडीए गठबंधन में बीजेपी को दे दी. बीजेपी ने टिकट परशुराम चतुर्वेदी को दे दिया. एक उम्मीद थी कि नीतीश कुमार वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट के उप-चुनाव में सेट कर दें लेकिन वहां भी जेडीयू ने दिवंगत सांसद बैद्यनाथ महतो के बेटे सुनील कुमार को कैंडिडेट बना दिया है. कुल मिलाकर रॉबिनहुड पांडेय के साथ एक बार फिर राजनीति हो गई है.

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एक आईपीएस अधिकारी के तौर पर गुप्तेश्वर पांडेय काफी चर्चित और सफल अफसर रहे हैं. जिन जिलों में एसपी रहे वहां लोकप्रिय रहे हैं. वाल्मीकि नगर में भी तैनात रहे हैं. एसपी के कार्यकाल में कई जिलों में पांडेय ने ऑपरेशन क्लीन, ऑपरेशन फ्लड आउट जैसे अभियान चलाकर क्रिमिनल्स को पकड़ा या एनकाउंटर में साफ कर दिया. राजनीति में उनका ऑपरेशन फेल हो जा रहा है.

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सूत्रों का कहना है कि गुप्तेश्वर पांडेय बक्सर से टिकट मिलने को लेकर इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने नॉमिनेशन के लिए जरूरी पेपर वगैरह तक तैयार करवा रखे थे. उन्हें लग रहा था कि नीतीश कोई जतन करके बक्सर सीट जेडीयू के लिए ले लेंगे और उनको टिकट दे देंगे. बीजेपी ने सीट नहीं दी. नीतीश के पास अब भविष्य में आपके लिए देखेंगे जैसा भरोसा देने के अलावा गुप्तेश्वर पांडेय को देने के लिए फिलहाल कुछ नहीं है.

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