तरबजू, खरबूज, खीरे और केले की खेती से 200 लोगों को रोजगार दे रहे बिहार के रोहित, लाखों में कमाई

Smart News Team, Last updated: Thu, 16th Sep 2021, 6:09 PM IST
  • बिहार में हाजीपुर के 24 साल के नौजवान रोहित ने खेती-किसानी के धंधे में 200 लोगों को रोजगार दिया है. रोहित बिहार के अलावा दूसरे प्रदेश और विदेश में भी फल और सब्जियां भेजते हैं.
बिहार के रोहित तरबूज, खरबूज की खेती से 200 लोगों को दे रहे रोजगार

पटना. बिहार के हाजीपुर के 24 साल के युवक रोहित तरबूज, खरबूजा, खीरे और केले की खेती कर रहे हैं. रोहित अकले ही नहीं बल्कि कई युवाओं को भी इससे जोड़ रहे हैं. हाजीपुर के रहने वाले रोहित एक या दो कट्ठे में नहीं बल्कि 150 एकड़ में खेती करते हैं. रोहित के साथ 200 लोग काम करते हैं. 24 साल के बिहार के रोहित ने खेती के काम में 80 लोगों को परमानेंट नौकरी भी दे रखी है. वह मजदूरों के साथ खेतों में 8 से 10 घंटे काम करते हैं.

रोहित के खेत में उगे तरबूज, खरबूज की मार्केटिंग सिर्फ बिहार में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत बांग्लादेश में भी होती है. रोहित पिछले तीन साल से ड्रिप सिंचाई तकनीक से तरबूज की खेती कर रहे हैं. वह विदेशी प्रजाति के फल उगाते हैं. विदेशी प्रजाति के फलों और सब्जियों की मार्केट में अच्छी कीमत मिलती है. 

रोहित का कहना है कि खेती भी एक व्यापार है. सभी को खेती को व्यापार की तरह समझने की जरूरत है. उनका कहना है कि वह हर साल 100 ट्रक से अधिक तरबूज दूसरे प्रदेशों के साथ विदेश भी भेजते हैं. उन्होंने बताया कि एक सीजन में उन्हें 40 लाख रुपए की आमदनी होती है.

रोहित का कहना है कि उनके पिता चाहते थे कि वह अफसर बनें लेकिन उन्हें किसान बनना पसंद आया. रोहित ने बताया कि उनके पिता नंद किशोर पारंपरिक तरीके से खेती करते थे. इसके कारण उत्पादन कम होता था और समय के साथ मजदूर भी अधिक लगते थे. रोहित ने हिमाचल प्रदेश के सैनिक स्कूल से पढ़ाई की है. रोहित का मन समाज सेवा में लगता था. उन्होंने वृद्धाश्रम खोलने की योजना बनाई थी. सरकार से उन्हें सहायता भी मिलने वाली थी लेकिन उनका मन खेती की तरफ चला गया. 

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रोहित ने बताया कि गरीब युवा उनके पास काम मांगने के लिए आते थे तो उन्होंने सोचा कि क्यों ना लोगों को खेती में काम दिया जाए. सभी ने आगे की पढ़ाई इग्नू से शुरू कर दी. रोहित ने बताया कि वह युवाओं को खेती से जोड़ने की मुहिम चला रहे हैं. रोहित ने बताया कि वह हाजीपुर, सारण और मुजफ्फरपुर में कैंप लगाकर युवाओं से बात करते हैं और उन्हें आधुनिक खेती के फायदे समझाते हैं. रोहित दो-तीन हजार युवाओं को अब तक खेती के प्रति जागरूक कर चुके हैं. 

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