छात्रों का यूक्रेन से बिहार लौटने का सिलसिला जारी, सरकार ने शुरू किए 2 हेल्प डेस्क

Ruchi Sharma, Last updated: Mon, 7th Mar 2022, 4:41 PM IST
  • रूस और यूक्रेन के बीच भीषण तबाही के मध्य वहां फंसे भारतीय छात्रों की वापसी जारी है. पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि बिहार की नीतीश सरकार की तरफ से बच्चों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए विशेष तरह की दो हेल्प डेस्क शुरू की गई है.
पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह

पटना. रूस और यूक्रेन के बीच भीषण तबाही के मध्य वहां फंसे हिंदुस्तान के लोगों की देश वापसी का सिलसिला जारी है. पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि बिहार की नीतीश सरकार की तरफ से बच्चों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए पटना एयरपोर्ट पर विशेष तैयारी की गई है. विशेष तरह की दो हेल्प डेस्क शुरू की गई है. एक हेल्प डेस्क बाहर की तरफ बनाया गया है जो बच्चों के परिजनों के लिए है, वहीं दूसरी हेल्प डेस्क अंदर की तरफ बनाया है. जिससे बच्चों से डॉक्टरेट कॉनटेक्ट हो सके. वहीं बच्चों के लिए नाश्ता, खाना - पीना सारा इंतजाम बिहार सरकार को ओर से किया जा रहा है.

डीएम चंद्रशेखर ने बताया कि युद्ध प्रभावित यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे अब तक 750 से अधिक छात्र बिहार के 38 जिलों में अपने-अपने घर लौट चुके हैं. छात्र ऑपरेशन गंगा के तहत निर्धारित उड़ानों से दिल्ली और मुंबई के हवाई अड्डों पर पहुंच रहे हैं. पटना हवाई अड्डे की उनकी यात्रा का खर्च बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार वहन कर रही है.

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पटना जिले में सबसे अधिक 116 छात्र लौटे हैं, इसके बाद पूर्वी चंपारण (60), गया और सीतामढ़ी (39-39), नालंदा (32) और मुजफ्फरपुर (30) का स्थान है. छात्रों की वापसी यात्रा 27 फरवरी को शुरू हुई, जब जद (यू) के एक विधायक की बेटी सहित 23 छात्र राज्य लौटे.

इधर, घर लौटे छात्रों का कहना है कि यूक्रेन की स्थिति काफी भयावह है. अभी भी उनके कुछ साथी वहां फंसे हुए हैं, जिसको लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. हालांकि, उन्होंने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय का घर वापसी के लिए शुक्रिया अदा किया है.

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