लापरवाही! को-वैक्सीन की पहली डोज देने से पहले विभाग ने बच्चे के नाम जारी की सर्टिफिकेट

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Fri, 14th Jan 2022, 11:42 PM IST
  • पटना स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक ऐसी लापरवाही का मामला सामने आया है जिसे जान आप भी हैरान हो जाएंगे. कोरोना के खिलाफ देशभर में चल रहे वैक्सीनेशन मुहिम के तहत शुक्रवार को एक बच्चा को टीका लेने के लिए रजिस्ट्रेशन किया. उसके वैक्सीन लेने से 2 घंटे पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने उसकी सर्टिफिकेट जारी कर दी.
छात्र तुषार राज

पटना. बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जान आप भी हैरान हो जाएंगे. कोरोना के खिलाफ देशभर में चलाए रहे वैक्सीनेशन मुहिम के तहत 15 से 18 साल की आयु के बच्चों को भी टीका लगाया जा रहा है. ऐसे में राजधानी पटना के एक बच्चे ने टीका लेगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया. बिना वैक्सीन लगवाए उसके मोबाइल पर 2 घंटे पहले ही सर्टिफिकेट जारी होने की सूचना आ गई. सूचना देख हैरान बच्चा अपने पिता के साथ स्कूल और अस्पताल के चक्कर काटने लगा. इस मामले पर बच्चे के स्कूल प्रिंसिपल ने बताया 14 जनवरी को वैक्सीन नहीं दिया जा रहा है. इसके बाद पटना सदर के सबलपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संज्ञान में जब ये बात लाई गई तो वहां तैनात कर्मचारी ने बच्चे की सूचना को गलत ठहराने लगा. हालांकि काफी मसक्कत के बाद अंत में बच्चे को कोवैक्सीन का पहला डोज लगा दिया गया. 

मामला राजधानी पटना का है. जिले का रहने वाला छात्र तुषार राज टीका लगवाने के लिए मोबाइल के जरिए कोविन पोर्टल की मदद से ऑनलाइन स्लाट की बुकिंग किया. तुषार ने सुबह करीब 8:04 मिनट पर कोवैक्सीन की पहली डोज लेने के लिए बुकिंग की थी. बुकिंग के वक्त तुषार ने मिडिल स्कूल सबलपुर में 1:00 बजे दोपहर से लेकर 3:00 बजे तक का स्लाट चुना था. जिसके बाद उसके मोबाइल पर इस बीच टीका लेने का मैसेज आया था.

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थोड़ी देर बाद तुषार के मोबाइल पर एक मैसेज आता है. इस बार का ये मैसेज उसी समय टीका लेने का सर्टिफिकेट से जुड़ा रहता है. इस पर सबलपुर मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल विभूति कुमार ने बताया कि 14 जनवरी को वैक्सीन नहीं दिया जा रहा है. इसके बाद तुषार राज अपने पिता के साथ पटना सदर के सबलपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाता है. और स्वास्थ्य केंद्र के अंदर मौजूद एक कर्मचारी को इस पूरे मामले की जानकारी देता है. अस्पताल कर्मचारी तुषार की बातों को गलत ठहराने की कोशिश करने लगता है. हालांकि अंत में छात्र तुषार को कोवैक्सीन की पहली डोज का टीका लगाया जाता है.

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