पटना: अस्पतालों में दीदी की रसोई चलाएगी कैंटीन, मंत्री मंगल पांडेय ने दी जानकारी

Smart News Team, Last updated: Thu, 14th Jan 2021, 8:49 AM IST
  • बिहार के सभी जिलों और अनुमंडलीय अस्पतालों में दीदी की रसोई शुरू होने जा रही है. जिससे मरीजों को शुद्ध और पोषक भोजन मिलेगा. इसकी जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बयान जारी करके दिया.
बिहार के अस्पतालों में दीदी की रसोई चलाएगी कैंटीन

पटना. अस्पतालों में जीविका दीदियों को 5 साल तक रसोई की जिम्मेदारी दी गई है. जिसके बाद अब बिहार के जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में पांच वर्षों तक जीविका दीदियां ही रशोई का सभी कार्य देखेंगे. इसके बारे में जानकारी नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दी है. उन्होंने ने बताया कि पांच वर्षों के लिए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में दीदी की रसोई को लेकर जीविका दीदियों को जिम्मेदारी दी गई है. वहीं उन्होंने ने ये भी बताया कि पांच वर्षों के मूल्यांकन के बाद अगले 5 वर्षों के लिए विस्तार भी किया जाएगा.

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बुधवार को अपना बयान जारी कर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग लोगों को सभी तरह की सुविधाएं देनी चाहती है. साथ ही मरीजों को शुद्ध भोजन मिले उसके लिए भी कार्य कर रही है. जिसके लिए सरकार ने राज्य के सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पताल के सभी इनडोर मरीजों को दीदी की रसोई में बना हुआ शुद्ध एवं पोषक खाना मिलेगा. जिसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति और बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति के बीच दीदी की रसोई कैंटीन चलाने के लिए करार किया जाएगा.

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मंगल पांडेय ने आगे बताया कि अभी शुरुआत में दीदी की रसोई को सात जिलों में संचालित किया जा रहा है. वे जिले बक्सर, शिवहर,सहरसा, गया, शेखपुरा, पूर्णिया और वैसलिमे स्थित अस्पतालों में संचालित किया जाएगा. वहीं उन्होंने ने आगे बताया कि प्रति मरीज भोजन की दर 150 रुपए प्रस्तावित है. जिसे हर साल 5 फीसद की मूल्यवृद्धि किया जाएगा. साथ ही दीदी की रसोई के लिए बिजली पानी और शौचालय की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराएगा.

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