खुशखबरी: बिहार के हर जिले में सस्ते इलाज के लिए IMA खोलेगा अस्पताल

Anurag Gupta1, Last updated: Mon, 20th Dec 2021, 1:34 PM IST
  • इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बिहार में सस्ते इलाज के लिए अस्पताल खोलेगा. आईएमए के निर्धारित मानक के अनुसार साफ-सफाई, चिकित्सकों और कर्मियों की तैनाती करेगा. तीसरी बार बिहार में आईएमए का राष्ट्रीय कांफ्रेंस होगा. इसके पहले 1988 व 2006 में पटना में राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के आयोजन हुआ था.
बिहार के हर जिले में सस्ते इलाज के लिए आईएमए खोलेगा अस्पताल (फाइल फोटो)

पटना. बिहार के लोगों को राहत देने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अच्छी पहल करने जा रहा है. लोगों को अच्छा व सस्ता इलाज मिल सके इसके लिए मानक तय करके हर जिले में अस्पताल खोलेगा. इसके लिए सभी सदस्यचिकित्सकों को प्रेरित करेगा और उन अस्पतालों की ब्रांडिंग भी करेगा. यदि ये काम पूरा हो जाता है तो बिहार वालों को काफी राहत होगी. अभी गरीबी व अभाव के चलते यदि कोई बीमार हो जाता है तो सब कुछ बेचकर इलाज करवाना पड़ता है.

आईएमए के राष्ट्रीय निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने रविवार को इस बात की जानकारी दी. यदि कोई चिकित्सक अपने अस्पताल में आईएमए के निर्धारित मानक के अनुसार साफ-सफाई, चिकित्सकों व कर्मियों की तैनाती करेगा या अपने अस्पताल के कुछ बेड को गरीब मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित करेगा तो उसकी भी ब्रांडिंग करेगा. डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने बताया कि आईएमए के राष्ट्रीय अधिवेशन में इसपर विमर्श किया जाएगा. श्री सिंह ने रविवार को आईएमए भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी.

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बिहार में होगा आईएमए का राष्ट्रीय कांफ्रेंस:

आईएमए के राष्ट्रीय कांफ्रेंस को लेकर स्वागत समिति गठित की गई है. स्वागत समिति के अध्यक्ष डॉ. कैप्टन विजय शंकर सिंह ने कहा कि बिहार में तीसरी बार आईएमए का राष्ट्रीय कांफ्रेंस होने जा रहा है. विजय शंकर सिंह बताते है कि इसके पहले 1988 व 2006 में पटना में राष्ट्रीय कांफ्रेंस हो चुका है. ये बिहार में तीसरा आयोजन होगा. साथ ही बताया कि पूरे कार्यक्रम का आयोजन कोरोना प्रोटोकॉल के तहत होगा.

बिहार में स्वास्थ्य समस्या है बड़ा मुद्दा:

बिहार में बड़े-बड़े दावों के साथ सरकारें आती और जाती रही है. लेकिन स्वास्थ्य व्यावस्था जस की तस रही. बिहार महंगा इलाज बड़ा मुद्दा है यदि कोई बीमार हो जाता है तो डॉक्टर की फीस, जांच की दर और दवाओं की कीमत आम आदमी की कमर तोड़ देता है. गरीब व्यक्ति को इलाज के लिए जमीन बेचनी पड़ जाती है. ऐसे यदि आईएमए की ये पहल बिहार वालों के लिए खुशी की खबर है.

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