बिहार: मधुबनी में पत्रकार की हत्या, अधजली लाश बरामद, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Sumit Rajak, Last updated: Sun, 14th Nov 2021, 7:00 AM IST
  • बिहार के मधुबनी से एक सनसनी मामला सामने आया है. मधुबनी के बेनीपट्टी में सोशल मीडिया के पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा की जली हुई लाश शुक्रवार की देर रात बेनीपट्टी-बसैठ राजमार्ग संख्या-52 के पास उरेन गांव में पेड़ के नीचे से बरामद हुई है. परिजनों का आरोप है कि अविनाश झा लगातार बेनीपट्टी में चले रहे फर्जी नर्सिंग होम पर कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया कर रहा था. किसी गहरी साजिश के तहत बेनीपट्टी के स्थानीय अस्पताल संचालकों ने भाई को लापता कर दिया था.
पत्रकार और सोशल एक्टिविस्टअविनाश झा

पटना. बिहार के मधुबनी से एक सनसनी मामला सामने आया है. मधुबनी के बेनीपट्टी में सोशल मीडिया के पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा की जली हुई लाश शुक्रवार की देर रात बरामद हुई है. अविनाश 4 दिन पहले यानी 9 नवंबर  की रात से ही लापता थे.मधुबनी सदर अस्पताल में 12 नवंबर की रात शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया. मामले में फिलहाल पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.युवक का शव शुक्रवार देर रात बेनीपट्टी-बसैठ राजमार्ग संख्या-52 के पास उरेन गांव में पेड़ के नीचे मिला है.अधजला शव बोरे में बंधा हुआ था.युवक की पहचान बेनीपट्टी बाजार के लोहिया चौक निवासी दयानंद झा के पुत्र बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश (24) के रूप में हुई है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अविनाश झा के बड़े भाई चंद्रशेखर झा ने बेनीपट्टी थाना में आवेदन देकर लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. परिजनों का आरोप है कि अविनाश झा लगातार बेनीपट्टी में चले रहे फर्जी नर्सिंग होम पर कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया कर रहा था. किसी गहरी साजिश के तहत बेनीपट्टी के स्थानीय अस्पताल संचालकों ने भाई को लापता कर दिया था.आवेदन में कारण बताते हुए उन्होंने कहा है कि बुद्धिनाथ ने विगत कई वर्षों से बेनीपट्टी में फर्जी तरीके से चलाए जाने वाले स्थानीय अस्पताल के खिलाफ लगातार खबर चलाई थी. इससे वे लोग नाखुश थे.

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बेनीपट्‌टी में 19 प्राइवेट अस्पताल हैं. उन सभी की कमियों को अविनाश समय-समय पर उजागर करते रहे थे. वह पत्रकार के साथ-साथ सोशल एक्टिविस्ट भी थे. लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत उन्होंने इन फर्जी क्लीनिक की शिकायत की थी, जिन पर कार्रवाई हुई थी. परिवार ने इन्हीं फर्जी क्लीनिक के संचालकों पर हत्या के आरोप लगाए हैं. साथ ही आरोप लगाया है कि एक साजिश के तहत भाई को गायब किया गया है. वहीं एसपी डॉ सत्यप्रकाश ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. कुछ और की संलिप्तता सामने आयी है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है. 

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 4 दिन पहले मृत्यु होने की बात सामने आई है. बेनीपट्टी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि आवेदन मिलने के साथ ही पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी हुई थी. अब शव मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर सभी बिंदुओं की जांच-पड़ताल करते हुए पुलिस शीघ्र अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पुलिस हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लेगी.

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