बिहार में रजिस्ट्री कानून में होगा ये बदलाव,इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य

Smart News Team, Last updated: Sun, 22nd Aug 2021, 9:55 AM IST
  • बिहार में नीतीश सरकार जमीन रजिस्ट्री कानून में बड़ा बदलाव करने जा रही है. इस बदलाव में अब रजिस्ट्री के साथ म्यूटेशन भी किया जाएगा. ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बिहार है जो इस व्यवस्था को लागू करने जा रहा है. इससे आए दिन जमीनी खरीदने और बेचने के दौरान होने वाले विवादों से भी आमजन को निजात मिलेगा.
बिहार में जमीन रजिस्ट्री के कानून में होगा बदलाव, जानें क्या हैं नए नियम

पटना. बिहार सरकार जमीन रजिस्ट्री कानून में बड़ा बदलाव करने जा रही है. इस बदलाव का फायदा जमीन खरीदने वालों को मिलेगा. इससे चौहद्दी करने वाले विवादों से लोगों को निजात मिलेगी. अब रजिस्ट्री के साथ ही दाखिल खारिज (म्यूटेशन) भी हो जाएगा. इससे रजिस्ट्री होने के समय में बढ़ोत्तरी होगी, लेकिन जमीन खरीद से जुड़ी अन्य समस्याएं समाप्त हो जाएगी. अभी इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, यदि सफल रहा तो पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा. इस काम में सरकार की मदद आईआईटी रुड़की मदद कर रहा है. इससे पहले यह टीम चकबंदी मामले में भी सरकार को सलाह दे रही है. वहीं, इस व्यवस्था को लागू करने के साथ रजिस्ट्री के समय म्यूटेशन का नक्शा देने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन जाएगा.

जमीन की रजिस्ट्री से पहले बनेगा नक्शा

इस नई व्यवस्था के अनुसार, जब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री की अर्जी विभाग के पास आएगी तो पहले अमीन (सर्वेयर) उस जमीन या प्लाट पर जाएगा और जाने की सूचना जमीन खरीदने और बेचने दोनों को देगा. जिसके बाद वो दोनों पक्षों की मौजूदगी में चौहद्दी, खाता, खेसरा, रकबा सहित प्लाट का नक्शा बनाएगा. यह सभी कागज रजिस्ट्री में साथ लगाए जाएंगे. जिसके बाद अधिकारी सभी कागजों की प्रमाणिकता जांच म्यूटेशन का प्रमाण जारी करेंगे. अभी वर्तमान व्यवस्था में म्यूटेशन में कागज पर नए खरीददार का नाम दर्ज हो जाता है. अब नई व्यवस्था अनुसार, कागजों में नाम बदलने के साथ प्लाट का नक्शा, फोटो, खेसरा, रकबा समेत अन्य सभी कागज लगे रहेंगे. जिससे जमीन खरीदी के बाद कोई विवाद नहीं होगा. 

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पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शेखपुरा के एक गांव से होगी शुरुआत

प्रो. कमल जैन के निर्देशन में आइआइटी रुड़की की टीम शेखपुरा के घाट कुसुम्बा प्रखंड के किसी गांव में इसकी शुरुआत करेंगे. विभाग ने टीम को 15 दिन का समय दिया है, जिसमें वो सरकार को बताएगी कि राज्य के अन्य गांवों में इसे कैसे लागू किया जाएगा. जैन के अनुसार, इस व्यवस्था से कम मानव बल और कम समय में म्यूटेशन हो जाएगा. 

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