बिहार में लोकायुक्त से मंत्री, अफसर की झूठी शिकायत करने पर तीन साल की जेल

Smart News Team, Last updated: Thu, 18th Mar 2021, 9:39 PM IST
बिहार में अब मंत्री या अफसर की झूठी शिकायत लोकायुक्त से करना भारी पड़ सकता है. अगर शिकायती व्यक्ति दोषी करार होता है तो उसे तीन साल की सजा हो सकती है.
बिहार में लोकायुक्त से मंत्री, अफसर की झूठी शिकायत करने पर तीन साल की जेल

पटना. बिहार में अब मंत्री और अफसर के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करना काफी महंगा साबित हो सकता है. ऐसा करने पर आवेदक को सीधा जेल भेजा जाएगा. गुरुवार को नीतीश कुमार सरकार के मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में बिहार लोकायुक्त संशोधन विधेयक 2021 को पेश किया जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया. वहीं कई विपक्षी विधायकों ने इस विधेयक का विरोध करते हुए आपत्ति भी जताई.

जेडीयू-बीजेपी सरकार में मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में बताया कि लोकायुक्त के पास काफी संख्या में झूठी शिकायतें आ रही हैं जिनसे परशानी बनती है. मंत्री ने बताया कि लोकायुक्त की सलाह थी कि दूसरे राज्यों की तरह बिहार में भी झूठी शिकायतों के खिलाफ सजा देने का कानून बनाया जाए. मंत्री ने आगे कहा कि सिर्फ लोकायुक्त ही तय करेंगे कि कौनसी शिकायत झूठी है.

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विधानसभा में मंत्री बिजेंद्र प्रसाद ने आगे कहा कि जो व्यक्ति दोषी करार होगा उसे अपने बचाव के लिए पक्ष रखने का मौका भी दिया जाएगा. इस कानून में दोषी साबित होने पर अधिकतम तीन साल कैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है. दोषी के खिलाफ सत्र न्यायालय में केस चलेगा.

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मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि सरकार सेवकों की गड़बड़ी को रोकने के लिए साल 2011 में राज्य में लोकायुक्त का गठन किया गया था लेकिन इसके दुरुपयोग की काफी ज्यादा शिकायतें मिल रही थीं जिसकी वजह से नीतीश सरकार ने यह सख्त कदम उठाया.

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