झूठे मामले में किसी को फंसाने के लिए शिकायत की तो अब खैर नहीं…सरकार ला रही कानून

Smart News Team, Last updated: 24/02/2021 10:01 AM IST
  • बिहार में झूठी शिकायत करने वालों को अब सजा देने का प्रावधान लाया जा रहा है जिसमें तीन साल तक की सजा और जुर्माना देना पड़ेगा. बिहार लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक 2021 इसी बजट सत्र में पेश किया जाएगा.
बिहार लोकायुक्त अधिनियम में होगा संशोधन, झूठी शिकायत करनेवाले को सजा हो सकती है.

पटना. प्रिय रंजन शर्मा. बिहार में लोक सेवक या अन्य किसी भी व्यक्ति को फंसाने के लिए झूठी शिकायत करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. जांच होने पर यदि शिकायत झूठी मिलती है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा. वहीं जानबूझकर या दुर्भावना से शिकायत का दोषी पाने जाने पर व्यक्ति को सजा का भुगतान और जुर्माना देना पड़ेगा.

बिहार सरकार लोकायुक्त अधिनियम, 2011 में संशोधन करने जा रही है जिसमें माना जा रहा है कि इसके बाद लोकायुक्त कार्यालय को मिलने वाली झूठी शिकायतों पर रोक लगेगी. लोकायुक्त संस्था द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच की जाती है लेकिन लोकायुक्त कार्यालय में ऐसी शिकायतों के पत्र भी आएं है जिसमें शिकायत पूरी तरह निराधार और झूठी निकली है. वहीं ऐसे में असलीयत शिकायत की जांच के बाद ही सामने आती है. 

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लोकायुक्त का ऐसे में काफी समय बर्बाद होता है. कई झूठी शिकायतों के मामले सामने आने के बाद इन पर रोक लगाने के मकसद से कानून में बदलाव किया जाएगा. बदलाव के बाद ऐसे मामलों में सुनवाई औऱ सजा देने का अधिकार लोकायुक्त संस्था के पास ही हो जाएगा. 

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बिहार लोकायुक्त अधिनियम में संशोधन के लिए विधानमंडल 2021 बजट सत्र में बिहार लोकायुक्त संशोधन विधेयक 2021 को पेश करेगी. विधि विभाग इससे संबंधित विधेयक को पेश करेगा. विधेयक के पास होने के बाद लोकायुक्त संस्था को झूठे मामले में फंसाने वालों पर कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे अधिकतम तीन साल की सजा होगी और साथ ही जुर्माना भी देना पड़ सकता है. 

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