लाखों की जॉब छोड़कर बिहार में टेक्नोलॉजी से बिजनेस सिखा रहे मनीष, 200 युवाओं को दे रहे रोजगार

Smart News Team, Last updated: Sat, 9th Oct 2021, 9:53 PM IST
  • मुंबई में माइक्रोसॉफ्ट में लाखों के पैकेज की नौकरी कर रहे मनीष को एक दिन लगा कि उनका बिहार टेक्नोलॉजी की वजह से पिछड़ रहा है. बस फिर क्या था, लौट आए पटना और आज टेक्नोलॉजी से बिजनेस सिखाकर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं MBA पास मनीष.
फोटो- मनीष रौशन

पटना. अच्छी नौकरी वाली ऐश की जिंदगी को त्यागकर कम ही लोग अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ ऐसा करते हैं जो भविष्य के लिए मिसाल और एक प्रेरणा बनकर रह जाते हैं. ऐसी ही कहानी है बिहार के गया जिले के रहने वाले मनीष रौशन की. इनके पास मुंबई में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में नौकरी थी और अच्छा पैकेज मिल रहा था. मुंबई में जॉब के दौरान मनीष को लगा कि जिस मिट्टी से उनकी पहचान है वो टेक्नोलॉजी की वजह से पिछड़ रहे हैं. बस यही सोचकर एक दिन अपनी जोनल हैड की नौकरी छोड़कर मनीष पटना आ गए और स्वास्थ्य, शिक्षा और सौंदर्य के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी को लेकर बदलाव के लिए काम करने लगे. आज मनीष करीब 200 लोगों को रोजगार दे रहे हैं और शिक्षा जगत में मैनेजमेंट के माध्यम से सुधार लाने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार का सम्मान भी हासिल कर चुके हैं.

मनीष का कहना है कि बिहार के ज्यादातर कॉलेज नैक मूल्याकंन में इसलिए पिछड़ जाते हैं क्योंकि आईक्यूएसी (इंटरनल क्वालिटी एसूरेंस सेल) रिपोर्ट तैयार करने में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे में मनीष ऐसे कॉलेजों को टेक्नोलॉजी के माध्यम से नैक मूल्यांकन बारिकियां सिखाकर रोजगार दिलाने का काम कर रहे हैं.

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33 साल के एमबीए पास मनीष बताते हैं कि 13 साल बाद जब मुंबई से नौकरी छोड़कर बिहार आया तो घरवालों ने कहा भाग जाओ, पागलपन आ गया है. इसके बावजूद एक बड़े भाई की मदद से पटना में ऑफिस लिया. मनीष रौशन ने बताया कि एक काम के लिए उन्हें छह महीने दौड़ाया जाता था, फिर भी हिम्मत नहीं हारी. गया के रहने वाले मनीष पटना वीमेंस कॉलेज समेत एलएन मिश्रा इंस्टीट्यूट में टेक्नोलॉजी के माध्यम से पढ़ाई को सरल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

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