जज्बे को सलाम! इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के लिए खोल दी चाय की दुकान

Ruchi Sharma, Last updated: Fri, 14th Jan 2022, 2:05 PM IST
  • बिहार के रहने वाले अभिषेक कुमार ने पढ़ाई पूरी करने के लिए चंडी बाजार में चाय का स्टॉल लगा रहा है. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा. अभिषेक सुबह छह से नौ बजे और शाम पांच से रात नौ बजे तक स्टॉल खोलता था. लेकिन, कॉलेज बंद होने के कारण दुकान खोलने का समय कुछ अधिक ही मिल पाता है.
अभिषेक पढ़ाई पूरी करने के लिए लगाता है स्टी स्टॉल ( डेमो तस्वीर-साभार सोशल मीडिया)

पटना. मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. यह कहावत लखीसराय जिले के बड़हिया निवासी अभिषेक कुमार पर सटीक बैठती है. क्योंकि उन्होंने अपने हौसले के बूते घर की कमजोर आर्थिक स्थिति को हरा दिया. अभिषेक ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. दरअसल अभिषेक कुमार ने पढ़ाई पूरी करने के लिए चंडी बाजार में चाय का स्टॉल लगा रहा है. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा. अभिषेक ने अपनी गरीबी को कभी पढ़ाई के बीच में नहीं आने दिया. न ही इस कमजोरी की वजह से अपनी पढ़ाई छोड़ी.

मैकेनिकल ब्रांच के सेकंड ईयर का छात्र अभिषेक बताता है कि सुबह छह से नौ बजे और शाम पांच से रात नौ बजे तक स्टॉल खोलता था. लेकिन, कॉलेज बंद होने के कारण दुकान खोलने का समय कुछ अधिक ही मिल पा रहा है. क्योंकि, पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है.

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2020 में सरकारी कॉलेज में लिया एडमिशन

अभिषेक इससे पहले इंदौर में कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर रहा था, लेकिन, प्राइवेट कॉलेज होने के कारण वहां की फीस अधिक थी. खर्च उठाना मुश्किल हो गया. इस कारण प्रतियोगिता पास करके चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज में वर्ष 2020 में नामांकन कराया. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण पढ़ाई छूट जाने का गम सताता रहता था. लेकिन, पढ़ने की ललक ने अभिषेक को यहीं रुकने नहीं दिया. उसने स्थानीय बाजार का मुआयना किया तब लगा कि कम पूंजी में चाय का स्टॉल खोलकर अच्छी कमाई की जा सकती है. इस काम में उसका भतीजा राजा भी साथ देता है.

चाय की दुकान में मिलती है भीड़

अभिषेक की दुकान में चाय पीने वालों की भीड़ लगी रहती है. ग्राहकों को बेहतर सेवा के लिए वे पटना से मिट्टी का कुल्हड़ मंगाता है. कोरोना की तीसरी लहर के बाद भी दुकान पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है. दुकान से इतनी कमाई हो जाती है कि पढ़ाई का पूरा खर्च निकल जाता है.

सरकार की तरफ से मिला पैसा

अभिषेक ने बताया कि सरकार ने चार साल की पढ़ाई पूरी करने के लिए तीन लाख की छात्रवृत्ति स्वीकृत कर दी है. 50 हजार रुपये मिल चुके हैं. पता चला है कि कॉलेज के अकाउंट में और राशि आई है.

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