बिहार जहरीली शराब कांड: BJP नेता संजय जायसवाल ने उठाए सवाल, जेडीयू का पलटवार

Jayesh Jetawat, Last updated: Sun, 16th Jan 2022, 3:15 PM IST
  • बिहार के नालंदा में कथित रूप से जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में सत्ताधारी एनडीए में विरोधाभास नजर आ रहा है. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष संजय जायसवाल और जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है.
जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष संजय जायसवाल (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के नालंदा जिले में कथित रूप से जहरीली शराब से हुई मौतों पर सत्ताधारी जेडीयू और बीजेपी में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है. बिहार के बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने जेडीयू पर सवाल उठाए और कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू करना है तो प्रशासन, पुलिस और शराब माफिया की मिलीभगत को खत्म करना होगा. जायसवाल ने जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा पर पलटवार करते हुए कहा कि मृतक के घर जाकर कोई सांत्वना दे, तो ये आपके लिए अपराध होगा?

क्या है मामला?

नालंदा जिले के सोहसराय थाना इलाके में शनिवार को कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई. सभी एक के बाद एक दम तोड़ते गए. रविवार दोपहर तक मरने वालों का आंकड़ा 12 पहुंच गया है. मृतकों के परिजन का कहना है कि सभी ने जहरीली शराब का सेवन किया था, उसके बाद से हालत खराब होने लगी. जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शनिवार को ही गांवों में पहुंच गए. सोहसराय थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है.

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बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने उठाए जेडीयू पर सवाल

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने रविवार को इस मामले पर एक फेसबुक पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने अपने सहयोगी दल जेडीयू पर सवाल उठाए. जायसवाल ने कहा कि नालंदा जिले में जहरीली शराब से 11 मौतें हो चुकी हैं. दो दिन पहले जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने जहरीली शराब पर प्रश्न पूछा था. आज मेरा प्रश्न उस दल से है कि क्या इन 11 लोगों के पूरे परिवार को जेल भेजा जाएगा? क्योंकि अगर कोई जाकर उनके यहां सांत्वना देता तो आपके लिए अपराध है. 

उन्होंने कहा कि अगर शराबबंदी लागू करना है तो सबसे पहले नालंदा प्रशासन को पकड़ना चाहिए प्रशासन स्वयं शराब माफिया से मिला हुआ है और उनकी करतूतों को छुपाने का काम कर रहा है. इसके बाद पुलिसकर्मियों को जेल में डालना चाहिए. इन्हें सस्पेंड करने से कुछ नहीं होगा. इसके बाद शराब माफिया को पकड़ना चाहिए. शराबबंदी को सही से लागू करना है तो प्रशासन, पुलिस और माफिया की तिकड़ी को समाप्त करना होगा.

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जेडीयू का पलटवार

जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने जायसवाल के इस बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन है और सुशासन में जो भी गलत करेगा, अफसर हो या कोई और उसे सजा मिलेगी. सुशासन की सरकार की नीति है ना किसी को फसाना और ना किसी को बचाना. इस देश में जघन्य अपराधों के लिए कड़े कानून हैं लेकिन उसके बावजूद वैसे अपराध होते हैं. शराबबंदी के पहले चरण में देसी शराब को बंद किया गया. बिहार में शराबबंदी को सही से लागू करने का बीजेपी और जेडीयू दोनों का कर्तव्य है. इसलिए अपनी ही सरकार के विरोध में बयान मत दीजिए.

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