बिहार सरकार: अफसरशाही के खिलाफ नीतीश कैबिनेट में जेडीयू मंत्री मदन सहनी की बगावत

Smart News Team, Last updated: Fri, 2nd Jul 2021, 7:01 AM IST
  • नीतीश कुमार वर्षों से बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार चला रहे हैं लेकिन उनकी ही पार्टी जेडीयू के मंत्री मदन सहनी ने पहली बार बगावत का झंडा बुलंद किया है. अफसरशाही से आजिज आ चुके समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में एसीएस की मनमानी के खिलाफ कैबिनेट से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी.
नीतीश सरकार में समाज कल्याण मंत्री और जेडीयू के नेता मदन सहनी ने पटना में मीडिया के सामने कहा कि अपर मुख्य सचिव तीन से ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइल दबाकर बैठे हैं ऐसे में मंत्री रहने का क्या मतलब है.

पटना. बिहार में सरकार भले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चल रहे हों लेकिन कैबिनेट और मंत्री परिषद के मंत्री दबी जुबान से राज्य के प्रशासन में अफसरशाही के दबदबे की वेदना में जी रहे थे. समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर एसीएस के अनमनेपन के बाद इस्तीफे के घोषणा से नीतीश कैबिनेट में पहली बार बगावत की आवाज उठी है और वो आवाज भी जेडीयू कोटे के मंत्री ने उठाई है. नीतीश बिहार में वर्षों से सरकार चला रहे हैं लेकिन अब तक सरकार में रहकर भी उनके खिलाफ परोक्ष रूप से बोलने का काम बीजेपी के मंत्री करते थे.

नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री गिरिराज सिंह जब नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री थे तो कुछ ना कुछ ऐसी बातें कहते रहते थे जिससे सरकार असहज होती थी लेकिन सत्ता संतुलन बना रह जाता था. इस बार चार दलों की गठबंधन सरकार चला रहे नीतीश कुमार की खुद की पार्टी जेडीयू के मंत्री ने राज्य में बेलगाम अफसरशाही के खिलाफ कैबिनेट से इस्तीफे का बम फोड़ा है तो इसकी गूंज सिर्फ सरकार और जनता दल यूनाइटेड में ही नहीं, गबठबंधन में भी सुनाई पड़ रही है.

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समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी के इस्तीफे के ऐलान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और हम के नेता जीतन राम मांझी ने कहा कि यह बात सही है कि पदाधिकारी मंत्री की नहीं सुनते हैं. मांझी ने कहा कि उन्होंने भी इसकी शिकायत गठबंधन के घटक दलों की संयुक्त बैठक में की थी. बिहार में सरकार को लेकर ये आम धारणा है कि प्रधान सचिव और उनसे ऊपर के अधिकारी सीएम हाउस के नीचे किसी की सुनते ही नहीं.

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कहते तो ये भी हैं कि विभागों के सचिव अपने मंत्रालय के कैबिनेट मंत्रियों की नहीं सुनते तो फिर राज्य मंत्रियों और सत्ताधारी या विपक्षी विधायकों की बात ही क्या है. फरवरी में नीतीश कैबिनेट के विस्तार के बाद खनन मंत्री बने बीजेपी नेता जनक राम जब विभाग का काम संभालने गए थे तो प्रधान सचिव हरजोत कौर लापता थीं जिसके बाद जनक राम ने विभाग के एक चपरासी से फूलों का गुलदस्ता स्वीकार कर पदभार ग्रहण किया.

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