नीतीश की हर घर नल का जल योजना में 53 करोड़ का ठेका डिप्टी CM तारकिशोर की बहू, साले को

Priya Gupta, Last updated: Wed, 22nd Sep 2021, 4:15 PM IST
  • बिहार में नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना 'हर घर नल का जल' में 53 करोड़ के ठेके कटिहार में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद की बहू और साले या उनसे जुड़े लोगों को मिले हैं. डिप्टी सीएम ने कहा है कि व्यापार करना कोई गलत बात नहीं है.
बिहार 'हर घर नल का जल' योजना (सांकेतिक फोटो)

पटना: बिहार के सीएम नीतीश कुमार की हर घर तक नल का जल पहुंचाने की पॉपुलर स्कीम 'हर घर नल का जल' योजना में एक अंग्रेजी अखबार की जांच से पता चला है कि राज्य के डिप्टी सीएम और बीजेपी विधायक दल के नेता तारकिशोर प्रसाद की बहू और उनके परिजनों को इस योजना के तहत 63 करोड़ के ठेके मिले. डिप्टी सीएम ने अखबार से कहा कि परिवार के लोगों के व्यापार करने में कोई बुराई नहीं है लेकिन जब से वो उपमुख्यमंत्री बने हैं उन्होंने अपने बेटे को सरकारी काम बंद कर देने कहा है क्योंकि इससे बेमतलब परेशानी होगी.

राज्य सरकार का दावा है कि योजना के लक्ष्य का 95% से अधिक कवर कर लिया गया है. राज्य के 1.08 लाख पंचायत वार्डों में योजना के तहत नल लगाया गया. जमीनी हकीकत ये है कि काम तो हुआ है, अच्छा और खराब भी लेकिन पूरी योजना के अमल में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त ठेके बांटे गए हैं और कई जगह नेताओं के रिश्तेदारों ने इसका काम कराया है.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कटिहार में वित्त वर्ष 2019-20 में योजना की नोडल एजेंसी पीएचईडी ने 36 ठेके दिए जिससे जिले की 9 पंचायतों के कई वार्ड में यह काम होना था. ये काम डिप्टी सीएम की बहू पूजा कुमारी और साले प्रदीप भगत, सहयोगियों प्रशांत चंद्र जायसवाल, ललित किशोर प्रसाद और संतोष कुमार को मिला. कुछ पंचायत में पूरा का पूरा काम ही पूजा कुमारी और प्रदीप भगत की कंपनी को मिला. 

अखबार को स्थानीय लोगों ने बताया कि काम चाहे बहू की कंपनी को मिला हो या भगत की कंपनी, सारे काम भगत ही करवाते नजर आए. अखबार को विभागीय अधिकारियों ने यहां तक बताया कि पूजा कुमार का इस सेक्टर में काम का कोई अनुभव नहीं है.

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट के लिए बिहार के 20 जिलों में परियोजना के दस्तावेजों की जांच की और उन्हें रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) और पीएचईडी के रिकॉर्ड से मिलाया. डिप्टी सीएम तारकिशोर ने अखबार से कहा कि ठेके दिए जाने का आधार राजनीतिक संबंध नहीं है. 

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