खुशखबरी! विदेश से मेडिकल की डिग्री लेने वालों को नौकरी में नीतीश सरकार देगी ये फायदा

Smart News Team, Last updated: Sat, 7th Aug 2021, 11:38 AM IST
नीतीश सरकार ने विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेकर लोटे डॉक्टरों में राज्य की मेडिकल नौकरी में वेटेज देने का फैसला किया है. सरकार ने कहा, कि नेशनल मेडिकल कमीशन की परीक्षा में प्राप्त अंक के प्रतिशत को ही मान्य मानकर अब नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार.( फाइल फोटो )

पटना: बिहार की नीतीश सरकार ने शुक्रवार को बिहार स्वास्थ्य सेवा के गठन को मंजूरी दे दी है. इसके गठन से विदेश में रहकर एमबीबीएस पढ़ने वाले छात्रों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा ली गयी परीक्षा में प्राप्त अंक के प्रतिशत को ही मान्य मानकर नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्‍वपूर्ण फैसले लिये गए. बिहार स्वास्थ्य सेवा नियमावली-2021 के तहत एनएमसी में विदेशी डिग्रीधारक को मिलने वाले 50 प्रतिशत अंक अब राज्य में भी मान्य होंगे.

बिहार सरकार के इस फैसले का राज्य के हजारों मेडिकल छात्रों को फायदा मिलेगा. इससे पहले विदेश से मेडिकल में एमबीबीएस (MBBS) पास करके बिहार लौटने वाले डाक्टरों के वहां के विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली डिग्री के आधार पर आधे नंबर ही दिये जाते थे. वहां विदेशी एमबीबीएस में यदि छात्र ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किये, तो बिहार में उससे 45 प्रतिशत अंक ही मान्य होते थे. लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद एनएमसी द्वारा दिये नंबर को ही मान्य माना जाएंगा.

JDU अध्यक्ष ललन सिंह बोले- RJD का रूह कंपाने वाला जंगलराज नहीं भूले हैं लोग

मंत्रिमंडल ने राज्य के कर्मचारियो और उनके व्यय पर खर्च होने वाले पर फैसले लेने की शक्तियों में भी संशोधन किया है. पहले राज्य के सिविल सर्जन 50 हजार, सचिव पांच लाख रुपये तक और पांच लाख रुपये से ऊपर हुए मेडिकल खर्च की अनुमति मंत्रिमंडल से दी जाती थी. अब बिहार सरकार ने सिविल सर्जन पूर्व की तरह 50 हजार तक के मेडिकल बिल प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दे सकेंगे, जबकि सचिव पांच के स्थान पर 10 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति का आदेश पारित कर सकेंगे.10 लाख रुपये से अधिक प्रतिपूर्ति की स्वीकृति मंत्रिमंडल के फैसले के बाद ही मिल सकेगी.

नीतीश कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

शुक्रवार को हुए कैबिनेट बैठक में नीतीश सरकार ने कुछ अन्य फैसले लिये है. सरकार ने नेशनल हाइवे के भोजपुर-बक्सर खंड के लिए 0.024 एकड़ जमीन NHAI को मुफ्त देने का फैसला किया है. हरियाली मिशन के तहत संचालित मुख्यमंत्री निजी पौधशाला योजना के क्रियान्वयन के लिए विभागीय संकल्प में संशोधन को स्वीकृति भी दी है. इसके अलावा बिहार कारा चालक संवर्ग नियमावली 2021 के गठन की मंजूरी भी दी है. सीपेट औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर के व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को-आपरेटिव स्पीनिंग मिल भागलपुर में करने के लिए अनुमानित लागत 40.10 करोड़ में स्वीकृति व इस वर्ष 10 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें