बिहार सरकार के निर्देश, इस हफ्ते से सुबह की शिफ्ट के स्कूल हो सकते हैं बंद, ये है वजह

Swati Gautam, Last updated: Sun, 19th Dec 2021, 10:54 PM IST
  • कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे और ठंड के असर को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट करते हुए दिशा निर्देश जारी किए हैं. निर्देशानुसार 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान जाने पर सुबह की शिफ्ट में स्कूल संचालित नहीं किए जायेंगे. अगर तापमान में तेजी से कमी होती है तो सभी स्कूल भी बंद किए जा सकते हैं.
बिहार सरकार के निर्देश, इस हफ्ते से सुबह की शिफ्ट के स्कूल हो सकते हैं बंद, ये है वजह. file photo

पटना. देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन का खतरा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. माना जा रहा है कि यह कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक खतरनाक साबित होगी ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के लिए भिन्न-भिन्न राज्यों में अलग-अलग दिशा निर्देश तय किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार में भी ओमिक्रोन से बचने के लिए स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए और ठंड के असर को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने स्कूलों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. निर्देशानुसार 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान जाने पर सुबह की शिफ्ट में स्कूल संचालित नहीं किए जायेंगे. अगर तापमान में लगातार तेजी से कमी होती है तो सभी स्कूल भी बंद किए जा सकते हैं.

बिहार सरकार की गाइडलाइन अनुसार, राज्य में 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान जाता है तो बच्चों को स्कूल जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पढ़ता है. कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के खतरे के बीच बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. इसलिए आने वाले दिनों में अगर 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान गया तो राज्य के सभी स्कूल बंद कर दिए जाएंगे. वहीं, मौसम विभाग अनुसार संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दो-तीन दिनों में तापमान काफी नीचे जा सकता है. ऐसे में बिहार के स्कूलों का बंद होना लगभग तय माना जा रहा है. केंद्र सरकार के इन दिशानिर्देशों के बाद बिहार शिक्षा विभाग ने जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उचित फैसला लेने की सलाह दी है.

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जानकारी अनुसार, बिहार में अभी तक किसी शहर का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचा है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार 2 से 3 दिनों में तापमान नीचे जा सकता है. बता दें कि यदि तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है तो उसे शीत लहर माना जाता है. शीत लहर के चलते बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है और ओमिक्रोन के खतरे के बीच बच्चों की सेहत का ख्याल रखना सरकार का कर्तव्य है. इसलिए केंद्र सरकार ने 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान गिरते ही स्कूल बंद होने के निर्देश दिए हैं. साथ शीत लहर से बचने और कोरोनावायरस के नए खतरे से भी सावधानी बरतने को कहा गया है.

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