बिहार पंचायत चुनाव: फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए इलेक्शन कमीशन करेगा इस तकनीक का इस्तेमाल

Smart News Team, Last updated: Wed, 14th Jul 2021, 1:28 PM IST
  • बिहार पंचायत चुनाव में फर्जी वोटिंग पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग इस बार बायोमेट्रिक मशीन का प्रयोग करने जा रहा है. इसकी मदद से आयोग बोगस मतदान को रोकने की कोशिश करेगा.
पंचायत चुनाव में बायोमेट्रिक मशीन का इस्तेमाल होगा.

पटना: बिहार में पंचायत चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग अपनी तैयारी में जुट गया है. चुनाव में निष्पक्षता और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए चुनाव आयोग इस बार नए कदम उठाने जा रहा है. आयोग पंचायत चुनाव में पहली बार ईवीएम और बायोमेट्रिक मशीन का प्रयोग करने पर विचार कर रहा है. बायोमेट्रिक इस्तेमाल के लिए आयोग को सरकार से हरी झंडी मिल गई है. आयोग बायोमेट्रिक मशीन के जरिए चुनाव प्रकिया में मतदान करने वालो का रिकार्ड रखेगा. साथ ही उम्मीद की जा रही है कि चुनाव में फर्जी वोट पड़ने से रोका जा सकता है.

बायोमेट्रिक मशीन मंजूरी मिलने के बाद आयोग हर मतदान केंद्र पर मशीन लगाने पर विचार कर रही है. आयोग के फैसले के बाद राज्य में लगभग एक लाख 10 हजार बायोमेट्रिक मशीनों की जरुरत पड़ सकती है इसके अलावा मतदान करने के बाद उंगलियों पर स्याही का निशान भी लगाया जाएगा. मिली जानकारी के अनुसार, वोटर्स को लगभग पांच प्रकार की जांच से गुजरना पड़ेगा. इसके बाद ही वोटर्स अपना मतदान कर सकता है. आयोग इस बार पंचायत चुनाव में फर्जीवाड़े को रोकना चाहता है.

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चुनाव आयोग बिहार पंचायत चुनाव को 10 चरणों में पूरा कराने पर विचार कर रहा है. आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को आगाह किया है कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों को अनिवार्य रूप से कोरोना का वैक्सीन लगवाया जाए. साथ ही चुनाव कार्य में लगाए जाने वाले कर्मियों का कोरोना जांच भी हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश आयोग द्वारा दिया गया है. बिहार के 5 करोड़ से अधिक मतदाता इस बार पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

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