नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, अब गड़बड़ी मिलने पर मुखिया पर होगी FIR

Smart News Team, Last updated: Fri, 9th Apr 2021, 6:22 PM IST
  • बिहार सरकार ने नल जल योजना में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित मुखिया एवं वार्ड सदस्यों पर एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई करने का फैसला किया है. अब तक बिहार में 1475 वार्डों में नल जल योजना में गड़बड़ियां मिली है. इन सभी वार्ड के मुखिया पर पंचायती राज विभाग ने कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, अब गड़बड़ी मिलने पर मुखिया पर होगी FIR

पटना. नल जल योजना को लेकर नीतीश सरकार काफी सख्त है. अब तक बिहार में 1475 वार्डों में नल जल योजना में गड़बड़ियां देखने को मिली है. जिसे लेकर इन सभी वार्ड के मुखिया पर पंचायती राज विभाग ने कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में कहा कि इस योजना के तहत जिन पंचायतों में नल से पानी नहीं निकलता है. उन्हें पूरा नहीं माना जाएगा. ऐसे सभी संबंधित मुखिया एवं वार्ड सदस्यों पर एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी.

पंचायत राज विभाग ने इस योजना में गड़बड़ियों वाले सभी वार्ड के मुखिया पर एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्रवाई करने को कहा है. इस संबंध में पंचायती राज मंत्री ने संबंधित डीएम, डीपीआरओ व बीडीओ को निर्देश दिया है कि किसी भी पंचायत से शिकायत आने पर सबसे पहले वहाँ के मुखिया एवं वार्ड सदस्य को नोटिस भेजा जाएगा. जिसके बाद 15 दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर पंचायती राज विभाग की ओर से उस पर कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने योग्यता प्रमाण पत्र न देने वाले मुखिया पर भी कार्रवाई करने को कहा है.

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दरअसल नल जल योजना में किसी भी गड़बड़ी को लेकर विभाग ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा गड़बड़ी मिलने पर जिस मुखिया या उपमुखिया को प्रमंडलीय आयुक्त व राज्य सरकार की ओर से पद से हटाया गया है, उनके इस बार वाले पंचायत चुनाव में नामांकन पत्र को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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इस संबंध में पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी है. जिसके अनुसार जिन लोगों को उनकी शक्तियों का दुरुपयोग व दुराचार करने का दोषी पाए जाने पर पद से हटाया गया है और न्यायालय की ओर से उस आदेश को स्थगित नहीं किया गया है. तो ऐसे मुखिया व उपमुखिया अगले पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे.

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